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आपदा के बाद केसर की खेती से जगी उम्मीदें
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 26 Oct 2014 01:17 PM IST
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जम्मू संभाग में केसर की खेती ट्रायल पर हो रही है। कठुआ जिले के बनी, रियासी, रामबन, राजोरी एवं पुंछ के अलावा उधमपुर जिले में लगभग तीन साल से केसर की खेती ट्रायल पर हो रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
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जानकारी के मुताबिक जम्मू संभाग में केसर की परंपरागत खेती किश्तवाड़ में होती है जहां करीब साढ़े सात क्विंटल केसर का उत्पादन हर साल होता है।
वहीं, जम्मू संभाग के गैर परंपरागत जिलों में जहां पर नमी वाले क्षेत्र हैं, वहां केसर की खेती की कोशिश की जा रही है। कठुआ के बनी जोन में जहां ठंडा क्षेत्र है वहां पर केसर की खेती का ट्रायल किया जा रहा है जबकि रियासी में भी इसकी खेती ट्रायल पर हो रही है।
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रामबन जिले में भी ट्रायल पर केसर की खेती की जा रही है। वहीं, राजोरी में ट्रायल की खेती में करीब तेरह किसान जुड़े हैं जबकि पुंछ जिले में चौदह किसान केसर की ट्रायल खेती कर रहे हैं। उधमपुर जिले में करीब दस किसान केसर की खेती से जुड़कर लाभ उठा रहे हैं।
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सौ किसान केसर की खेती से जुड़े-
वर्ष 2008 से लेकर अब तक सौ से अधिक किसान जिला उधमपुर के पंचैरी ब्लाक में केसर की ट्रायल खेती से जुड़ चुके हैं। पंचैरी के किसानों मोहिंदर कुमार, नरेंद्र कुमार, लोक नाथ आदि ने बताया कि इस खेती से उन्हें जुड़े हुए तीन -चार साल हो गए हैं। अब तक ट्रायल जारी है।
सितंबर-अक्तूबर में केसर के बीज लगा चुके हैं। वहीं, उन्हें बेहतर नतीजे मिल रहे हैं तथा विभाग की ओर से भी उत्साह मिल रहा है। इन दिनों किसानों को कम फ्लावरिंग मिल रही है जबकि नवंबर के अंत अच्छी फ्लावरिंग होने की उम्मीद है।