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जम्मू-कश्मीर: एडवाइजरी के बाद अफवाहों से लोगों में डर, राशन-पानी के लिए लगीं लाइनें
Sat, 03 Aug 2019 02:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 03 Aug 2019 02:31 AM IST
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घाटी
- फोटो : अमर उजाला
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घाटी में अमरनाथ यात्रियों तथा पर्यटकों को जल्द से जल्द लौट जाने की एडवाइजरी जारी करने के बाद अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। कश्मीर के साथ ही ज मू संभाग के पुंछ, राजोरी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन आदि जिलों में अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
लोगों में किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। रोजमर्रा की जरूरत के सामान के साथ ही राशन की खरीदारी शुरू हो गई। पेट्रोल पंपों पर भी लोगों की लंबी कतारें लगीं।
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श्रीनगर में कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया। वहां केवल डीजल का स्टाक था। एटीएम पर भी लंबी लाइनें देखीं गईं। मेडिकल शॉप पर लोग जरूरत की दवाइयां खरीदते देखे गए। इसके साथ ही किरयाना और सब्जी की दुकानों पर भी भीड़ रहीं।
इस बीच अफवाहों का दौर जारी रहा। कभी ३५ए को हटाने की अफवाह सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो कभी ज मू को अलग राज्य बनाने और कश्मीर एवं लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की अफवाह।
यह अफवाह भी फैली कि राज्य पुलिस के जवानों को हथियार जमा करने को कहा गया है। उनकी जगह सीआरपीएफ कर्मियों की तैनाती की जाएगी। आधी रात के बाद यह अफवाह भी तैरने लगी कि केंद्रीय रक्षा मंत्री रात में ही कश्मीर पहुंचने वाले हैं।
अफवाहों के बीच श्रीनगर समेत पूरी घाटी में सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी रही। नाके पर चेकिंग चलती रही। सुरक्षा बलों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई ताकि अफवाहों का अराजक तत्व फायदा न उठाने पाएं।
कभी स्कूल तो कभी एनआईटी को बंद करने की अफवाह
घाटी में अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की सूचनाएं तैरतीं रहीं। इस बीच एनआईटी में अगले आदेश तक कक्षाएं स्थगित रखने और बाहरी छात्रों को सामान के साथ सुबह साढ़े छह बजे तैयार रहने का आदेश वायरल हुआ। बाद में डीसी ने ट्वीट कर कहा कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। इसी प्रकार स्कूलों को बंद किए जाने का आदेश भी वायरल हुआ था।
मेयर की गाड़ी तीन बार लौटाई
श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू की गाड़ी शुक्रवार को तीन बार पुलिस ने सरकारी आवास से निकलने नहीं दी। मेयर ने ट्वीट किया कि तीन साल की बच्ची की दवा लाने के लिए गाड़ी भेजा जा रहा था। क्या हम सभी नजरबंद हैं। क्या मेयर भी सुरक्षा के लिए खतरा है। क्या हम आधिकारिक रूप से पुलिस राज्य बन गए हंैं।
सीआरपीएफ जवानों की छुट्टियों में कटौती
सीआरपीएफ ने घाटी में जवानों की छुट्टियों में कटौती कर दी है। सूत्रों का कहना है कि किसी को भी अब छुट्टियां नहीं मिलेगी। जो छुट्टी पर हैं उन्हें वापस बुलाया जा सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राज्य के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ न करने की मोदी से अपील
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मु ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ न करें। गृह विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी किए जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को जरूर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य के लोगों द्वारा दी गई कुर्बानी बेकार न जाए।
कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करती हूं कि वह राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ न करें। इसके बाद वे डा. फारूक अब्दुल्ला, सज्जाद गनी लोन से भी मिलीं। राज्यपाल से मिलकर भी उन्होंने लोगों की चिंताओं की जानकारी दी।
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लोगों में किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी। रोजमर्रा की जरूरत के सामान के साथ ही राशन की खरीदारी शुरू हो गई। पेट्रोल पंपों पर भी लोगों की लंबी कतारें लगीं।
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श्रीनगर में कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया। वहां केवल डीजल का स्टाक था। एटीएम पर भी लंबी लाइनें देखीं गईं। मेडिकल शॉप पर लोग जरूरत की दवाइयां खरीदते देखे गए। इसके साथ ही किरयाना और सब्जी की दुकानों पर भी भीड़ रहीं।
इस बीच अफवाहों का दौर जारी रहा। कभी ३५ए को हटाने की अफवाह सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो कभी ज मू को अलग राज्य बनाने और कश्मीर एवं लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की अफवाह।
यह अफवाह भी फैली कि राज्य पुलिस के जवानों को हथियार जमा करने को कहा गया है। उनकी जगह सीआरपीएफ कर्मियों की तैनाती की जाएगी। आधी रात के बाद यह अफवाह भी तैरने लगी कि केंद्रीय रक्षा मंत्री रात में ही कश्मीर पहुंचने वाले हैं।
अफवाहों के बीच श्रीनगर समेत पूरी घाटी में सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी रही। नाके पर चेकिंग चलती रही। सुरक्षा बलों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई ताकि अफवाहों का अराजक तत्व फायदा न उठाने पाएं।
कभी स्कूल तो कभी एनआईटी को बंद करने की अफवाह
घाटी में अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की सूचनाएं तैरतीं रहीं। इस बीच एनआईटी में अगले आदेश तक कक्षाएं स्थगित रखने और बाहरी छात्रों को सामान के साथ सुबह साढ़े छह बजे तैयार रहने का आदेश वायरल हुआ। बाद में डीसी ने ट्वीट कर कहा कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। इसी प्रकार स्कूलों को बंद किए जाने का आदेश भी वायरल हुआ था।
मेयर की गाड़ी तीन बार लौटाई
श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू की गाड़ी शुक्रवार को तीन बार पुलिस ने सरकारी आवास से निकलने नहीं दी। मेयर ने ट्वीट किया कि तीन साल की बच्ची की दवा लाने के लिए गाड़ी भेजा जा रहा था। क्या हम सभी नजरबंद हैं। क्या मेयर भी सुरक्षा के लिए खतरा है। क्या हम आधिकारिक रूप से पुलिस राज्य बन गए हंैं।
सीआरपीएफ जवानों की छुट्टियों में कटौती
सीआरपीएफ ने घाटी में जवानों की छुट्टियों में कटौती कर दी है। सूत्रों का कहना है कि किसी को भी अब छुट्टियां नहीं मिलेगी। जो छुट्टी पर हैं उन्हें वापस बुलाया जा सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राज्य के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ न करने की मोदी से अपील
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मु ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ न करें। गृह विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी किए जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को जरूर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य के लोगों द्वारा दी गई कुर्बानी बेकार न जाए।
कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करती हूं कि वह राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ न करें। इसके बाद वे डा. फारूक अब्दुल्ला, सज्जाद गनी लोन से भी मिलीं। राज्यपाल से मिलकर भी उन्होंने लोगों की चिंताओं की जानकारी दी।