J&K: पंचायत चुनावों को लेकर जारी है घमासान, सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने जताई नाराजगी
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रियासत में पंचायत चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) शांतमनु की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों का गुस्सा फूटा। सभी ने एक स्वर में सरकार पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वार्ड की हदबंदी के नाम पर सरकार की ओर से मनमानी की जा रही है, जबकि यह काम निर्वाचन कार्यालय का है।
बैठक में विपक्ष की ओर से कहा गया कि वार्ड की हदबंदी का काम चुनाव कार्यालय को करना चाहिए, जबकि वर्तमान समय में यह काम ग्रामीण विकास विभाग की ओर से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से ग्रामीण विकास विभाग को अलग किया जाना चाहिए।
उनका कहना था कि वे जल्द से जल्द पंचायत चुनाव के पक्ष में हैं, लेकिन निष्पक्ष चुनाव के लिए यह जरूरी है कि हदबंदी का काम चुनाव कार्यालय की ओर से किया जाए।
सरकार पर चुनावों में धांधली का आरोप
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही पंचायत चुनावों में धांधली की कोशिशों में जुटी हुई है। पहले सरपंच का चुनाव पंचों के माध्यम से कराने का फैसला किया। इसके बाद हदबंदी का काम ग्रामीण विकास विभाग को सौंप दिया। इसमें मनमानी की जा रही है। इससे योग्य व्यक्ति चुनाव ही नहीं लड़ पाएगा। ऐसे में सरपंच बनने से भी वह रह जाएगा।
विपक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा पंचायत चुनावों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से करने की नहीं लगती है। लिहाजा मुख्य निर्वाचन अधिकारी स्तर से इस पर बेहतर निगरानी करनी चाहिए।
बैठक में कांग्रेस की ओर से मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा व मंजीत सिंह, नेकां के शेख बशीर, पैंथर्स पार्टी के हर्षदेव सिंह, भाजपा के नरिंदर सिंह शामिल हुए। इसके साथ ही पीडीपी, सीपीआई एम, बसपा के भी प्रतिनिधि मौजूद रहे।