कुपवाड़ा में बवाल, 15 सुरक्षा कर्मी घायल
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पुलिस हिरासत में हत्यारोपी नजीर अहमद की मौत के बाद भड़के आक्रोश के चलते कुपवाड़ा में वीरवार को दूसरे दिन भी जमकर बवाल हुआ। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी और भाजपा कार्यालय सहित कई इमारतों को आग के हवाले कर दिया। पत्थर भी बरसाए। कई वाहनों को निशाना बनाया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों से झड़पों में करीब 15 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले में धारा 144 लागू की गई है। यह प्रतिबंध शुक्रवार को भी जारी रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
कुपवाड़ा जिले में वीरवार को देखते-देखते बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने पुलिस हिरासत में हत्या के आरोपी नजीर अहमद मुगल की मौत को लेकर जमकर नारेबाजी की।
उनका कहना था कि नजीर की पुलिस पूछताछ के दौरान हत्या हुई है। प्रदर्शनकारी दिन निकलने के साथ उग्र रुख अख्तियार करते गए।
'जांच भी वही करेंगे तो निष्पक्ष जांच कैसे होगी'
प्रदर्शनकारियों ने पहले इलाके के जिला उपायुक्त के कार्यालय पर हमला किया और जमकर पत्थरबाजी की। इसके अलावा कई अन्य सरकारी इमारतों पर भी धावा बोला। आरवान पुलिस चौकी के साथ साथ भाजपा के कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया। यहां पार्टी के झंडे भी जलाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने कई पुलिस गाड़ियों को भी क्षति पहुंर्चाई। प्रदर्शन कर रहे इरफान अहमद ने कहा कि यह एक हत्या है और वह चाहते हैं कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कहा कि जिन्होंने हत्या की, जांच भी वही करेंगे तो निष्पक्ष जांच कैसे होगी।
जिले के एसएसपी राहुल मलिक ने बताया कि प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच दिन भर चली भिड़ंत में करीब 15 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। इनमें एक एएसआई भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त द्वारा जो जांच के आदेश जारी किए गए हैं, उसमें पुलिस पूरा सहयोग करेगी। जांच निष्पक्ष होगी। मलिक के अनुसार स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जिले में धारा 144 लागू की गई है। सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए।