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जीएमसी प्रशासन-डाक्टरों में नहीं थम रहा तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 27 Mar 2015 10:10 PM IST
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एसोसिएटेड अस्पतालों में जूनियर डाक्टरों की पर्याप्त सुरक्षा जीएमसी प्रशासन के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। निजी सुरक्षा के साथ राज्य पुलिस के जवानों की तैनाती भी डाक्टरों और तीमारदारों में मारपीट और कहासुनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है। जूनियर डाक्टरों के शनिवार शाम चार बजे तक 48 घंटे के अल्टीमेटम से अस्पताल प्रशासन पसोपेश में है।
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डाक्टरों ने साफ किया है कि सुरक्षा उनका मौलिक अधिकार है और अस्पताल प्रशासन को सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए। अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतन पाल का कहना है कि गत दिवस वार्ड 11 में एक तीमारदार का दो डाक्टरों से मारपीट करना गलत था। इमरजेंसी और अन्य यूनिटों की अतिरिक्त सुरक्षा के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन के प्रधान डा. नीरज शर्मा का कहना है कि डाक्टर से मारपीट के बावजूद उन्होंने जनता की सहूलियत के लिए कामकाज ठप नहीं किया।
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भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा न होने देने के लिए जीएमसी प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए। डाक्टरों ने शनिवार शाम चार बजे तक का समय दिया है। इसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। हालांकि, शनिवार को रामनवमी की छुट्टी रहेगी, लेकिन अगर जूनियर डाक्टर वार्ड और ओपीडी में दोबारा कामकाज ठप करते हैं तो मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। उल्लेखनीय है कि फरवरी से अब तक जीएमसी में डाक्टरों और तीमारदारों के बीच मारपीट की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कई बार डाक्टर हड़ताल पर जा चुके हैं।
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