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Jammu News: घाटी में सुरक्षित नहीं जान, कैसे करें काम
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जम्मू। पीएम पैकेज के कर्मचारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उनके अभिभावक भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कश्मीर संभाग में विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। वहां कर्मचारियों की लक्षित हत्याएं की जा रही हैं। इस कारण वे घाटी में जाने के लिए तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों ने उपराज्यपाल के उस बयान पर कड़ी नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिना ड्यूटी के कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारी योगेश पंडिता ने कहा कि जब कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं तो वे सेवाएं कैसे देंगे। उन्हें जान का खतरा है। सरकार उनके लिए तबादला नीति तैयार नहीं कर रही है, न ही कर्मचारियों को जम्मू में तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर वे कश्मीर में सेवाएं देने से इनकार कर रहे हैं। घाटी में राहुल भट, रजनी बाला, विजय कुमार सहित अन्य लोगों की लक्षित हत्याएं हो चुकी हैं। ऐसे में तमाम कर्मचारियों में डर का माहौल है।
प्रदर्शनकारी भावेश ने कहा कि आतंकियों की ओर से लगातार कर्मचारियों की सूचियां जारी कर उन्हें मारने की धमकी दी जा रही है। फिर भी सरकार उनकी समस्या को नहीं समझ रही है। वहीं, सुमन लता ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। सरकार ने उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की है। जिला मुख्यालयों के दो किलोमीटर की दूरी पर भी कर्मचारियों की हत्या कर दी गई हैं। प्रशासन को चाहिए कि प्रताड़ित किए बिना उन्हें स्थानांतरित करने की नीति बनाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, तब तक वे प्रदर्शन करते रहेंगे।
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प्रदर्शनकारी योगेश पंडिता ने कहा कि जब कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं तो वे सेवाएं कैसे देंगे। उन्हें जान का खतरा है। सरकार उनके लिए तबादला नीति तैयार नहीं कर रही है, न ही कर्मचारियों को जम्मू में तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर वे कश्मीर में सेवाएं देने से इनकार कर रहे हैं। घाटी में राहुल भट, रजनी बाला, विजय कुमार सहित अन्य लोगों की लक्षित हत्याएं हो चुकी हैं। ऐसे में तमाम कर्मचारियों में डर का माहौल है।
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प्रदर्शनकारी भावेश ने कहा कि आतंकियों की ओर से लगातार कर्मचारियों की सूचियां जारी कर उन्हें मारने की धमकी दी जा रही है। फिर भी सरकार उनकी समस्या को नहीं समझ रही है। वहीं, सुमन लता ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। सरकार ने उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की है। जिला मुख्यालयों के दो किलोमीटर की दूरी पर भी कर्मचारियों की हत्या कर दी गई हैं। प्रशासन को चाहिए कि प्रताड़ित किए बिना उन्हें स्थानांतरित करने की नीति बनाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, तब तक वे प्रदर्शन करते रहेंगे।
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