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Jammu News: कल मनाया जाएगा श्रीराम-जानकी का विवाह उत्सव
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- इस दिन पूजा करने से दूर होती हैं शादी संबंधी अड़चनें, सुखी जीवन का मिलता है वरदान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी 17 दिसंबर को श्रीराम और जानकी का विवाह उत्सव मनाया जाएगा। शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 16 दिसंबर शनिवार रात्रि 08:01 बजे शुरू होगा और 17 दिसंबर तक शाम 05:34 बजे समाप्त होगी। सूर्योदय व्यापिनी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि रविवार को होगी, इसलिए श्रीराम-जानकी विवाहोत्सव रविवार को मनाया जाएगा। रामचरित मानस में इस बात का उल्लेख किया किया गया है कि मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को भगवान श्रीराम और जानकी का विवाह हुआ था।
तभी से इस पंचमी को विवाह पंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। महंत रोहित शास्त्री ने बताया इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा करने से शादी की अड़चनें दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
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पीले वस्त्र धारण कर रामचरित्र मानस का करें जांप
इस दिन सुबह स्नान कर श्रीराम विवाह का संकल्प लें। पीले वस्त्र धारण कर तुलसी या चंदन की माला से मंत्र या रामचरित मानस के दोहों का जाप करें।भारतीय संस्कृति में राम-सीता आदर्श दंपती माने गए हैं। इस दिन सभी मंदिरों में उत्सव होता है और श्रीराम का पाठ किया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी 17 दिसंबर को श्रीराम और जानकी का विवाह उत्सव मनाया जाएगा। शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 16 दिसंबर शनिवार रात्रि 08:01 बजे शुरू होगा और 17 दिसंबर तक शाम 05:34 बजे समाप्त होगी। सूर्योदय व्यापिनी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि रविवार को होगी, इसलिए श्रीराम-जानकी विवाहोत्सव रविवार को मनाया जाएगा। रामचरित मानस में इस बात का उल्लेख किया किया गया है कि मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को भगवान श्रीराम और जानकी का विवाह हुआ था।
तभी से इस पंचमी को विवाह पंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। महंत रोहित शास्त्री ने बताया इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा करने से शादी की अड़चनें दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
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पीले वस्त्र धारण कर रामचरित्र मानस का करें जांप
इस दिन सुबह स्नान कर श्रीराम विवाह का संकल्प लें। पीले वस्त्र धारण कर तुलसी या चंदन की माला से मंत्र या रामचरित मानस के दोहों का जाप करें।भारतीय संस्कृति में राम-सीता आदर्श दंपती माने गए हैं। इस दिन सभी मंदिरों में उत्सव होता है और श्रीराम का पाठ किया जाता है।
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