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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पहुंची दस हजार बंदरों की फौज
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:03 PM IST
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बंदर
- फोटो : File Photo
बंदरों को लेकर लोगों में बनी आस्था इनके अस्तित्व के लिए खतरा बन गई है। आस्था के नाम पर बंदरों को खिलाया जाने वाला खाना बंदरों के जीवन पर असर डाल रहा है। वे अपने पारंपरिक जीवन को छोड़कर सड़कों पर उतर आए हैं। जम्मू श्रीनगर हाईवे इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जहां बंदरों की फौज जमा हो गई है। जो बंदरों के अस्तित्व को बचाने की बड़ी चुनौती बन गया है।
वन्यजीव विभाग ने इसे लेकर हाल ही में एक स्टडी की है। क्षेत्रीय वार्डन अमित शर्मा ने जानकारी दी है कि जम्मू से पत्नीटाप तक हाईवे पर करीब दस हजार रिसस (मकाक) प्रजाति के बंदर हैं। यह संख्या दो साल पहले तीन हजार के करीब थी। हाईवे से जाने वाले लोग इन बंदरों को खाना खिलाने लगते हैं। जो इनकी आदतों को बिगाड़ रहे हैं।
पहले बंदर जंगल में दौड़ भाग कर अपने खाने की तलाश करता था। अब उसे आसानी से खाना मिल जाता है। इसकी वजह से बंदर जंगल छोड़कर सड़कों पर उतर आए हैं। इससे उनकी जीवनशैली पूरी तरह से बदल रही है। बंदरों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इनके प्रजनन पर असर पड़ रहा है। व्यवहार में बदलाव आ गया है। वह खाने के लिए एक-दूसरे से झगड़ रहे हैं। बंदरों की वजह से हाईवे पर एक्सीडेंट भी बढ़ रहे हैं।
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वन्यजीव विभाग ने इसे लेकर हाल ही में एक स्टडी की है। क्षेत्रीय वार्डन अमित शर्मा ने जानकारी दी है कि जम्मू से पत्नीटाप तक हाईवे पर करीब दस हजार रिसस (मकाक) प्रजाति के बंदर हैं। यह संख्या दो साल पहले तीन हजार के करीब थी। हाईवे से जाने वाले लोग इन बंदरों को खाना खिलाने लगते हैं। जो इनकी आदतों को बिगाड़ रहे हैं।
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पहले बंदर जंगल में दौड़ भाग कर अपने खाने की तलाश करता था। अब उसे आसानी से खाना मिल जाता है। इसकी वजह से बंदर जंगल छोड़कर सड़कों पर उतर आए हैं। इससे उनकी जीवनशैली पूरी तरह से बदल रही है। बंदरों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इनके प्रजनन पर असर पड़ रहा है। व्यवहार में बदलाव आ गया है। वह खाने के लिए एक-दूसरे से झगड़ रहे हैं। बंदरों की वजह से हाईवे पर एक्सीडेंट भी बढ़ रहे हैं।
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बंदर
- फोटो : अमर उजाला
शर्मा का कहना है कि कई लोग सोचते हैं कि बंदरों को खाना खिलाना भला होता है। राह चलते लोग सड़क पर खाना फेंक देते हैं। तभी कोई कार पीछे से आती है और खाना खा रहे बंदर को कुचल कर चली जाती है। भला करते लोग पाप के भागीदार बन जाते हैं।
लोगों को बंदरों को खाना खिलाने की आदत को बंद करना होगा। विभाग ऐसा करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करेगा। उस पर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लोगों को बंदरों को खाना खिलाने की आदत को बंद करना होगा। विभाग ऐसा करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करेगा। उस पर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।