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जम्मू-कश्मीर: राजोरी में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर

Mon, 13 Sep 2021 05:29 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 13 Sep 2021 05:29 PM IST
सार

राजोरी जिले के पहाड़ी इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया है।

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Rajouri Encounter between terrorists and security forces in Jammu and Kashmir's Rajouri
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू संभाग के राजोरी जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। जिले के बरोट गांव में पहाड़ी इलाकों में रविवार सुबह आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी के आधार पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों के घेरे में खुद को फंसता देख मौजूद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया, लेकिन आतंकी सुरक्षाबलों पर फायरिंग करते रहे। इसके बाद जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया।

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आतंकी संगठन जम्मू संभाग में पुराने आतंकवाद ग्रस्त क्षेत्रों में दोबारा आतंकवाद को जिंदा करने के प्रयास में हैं। किश्तवाड़, डोडा, रामबन के बाद अब राजोरी एवं पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, ताकि जम्मू संभाग में इस तरह की वारदातें कर माहौल खराब किया जाए। पिछले एक महीने में राजोरी जिले में सेना का तीन बार आतंकियों से सामना हो चुका है, जबकि एक बार आतंकियों ने भाजपा कार्यकर्ता के घर पर ग्रेनेड से हमला भी किया है।
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सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एक-एक करके जम्मू संभाग के उन जिलों में दोबारा आतंक फैलाना चाहती है, जहां 1990 के दशक में आतंकवाद चरम पर होता था। किश्तवाड़, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, रियासी, राजोरी और पुंछ जिले में 1990 के दशक में आतंकवाद चरम पर था। इन इलाकों में अब शांति है, लेकिन पहले किश्तवाड़ और रामबन में आतंकी वारदातें शुरू की गईं। 2018 से 2019 तक किश्तवाड़ में भाजपा और आरएसएस नेताओं की हत्या करके माहौल खराब किया गया। आतंकियों ने पुलिस कर्मियों की भी हत्या की।
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अब राजोरी में भी ऐसा किया जा रहा है। राजोरी के थन्नामंडी में दो बार आतंकियों से सेना की मुठभेड़ हो चुकी है। रविवार को भी सेना की आतंकियों से मुठभेड़ हुई। सूत्रों का कहना है कि राजोरी जिले की एलओसी से आईएसआई अधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ करवाकर हमले करवाना चाहती है, ताकि जिले में एक समुदाय विशेेष को निशाना बनाकर माहौल खराब किया जाए। साथ ही राजोरी के पुराने रूट से आतंकियों को कश्मीर तक पहुंचाया जाए। यहीं कारण है कि अधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ करवाई जा रही है।


यह भी पढ़ें- जब नदी से निकलने लगे आतंकी: सुरक्षाबल भी अचरज में पड़ गए, देखिए दरिया में आतंकियों के ठिकाने    

पुलवामा के मलिकपोरा में तलाशी अभियान
कश्मीर संभाग में पुलवामा जिले के मलिकपोरा में सेना की 55-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स), सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। यहां पुलिस को आतंकी गतिविधि की सूचना मिली थी। जिसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई।

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