इस बेटी ने आतंकी को काट दिया था कुल्हाड़ी से
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राजोरी के थन्नामंडी की रहने वाली 25 वर्षीय रुखसाना कौसर पूरे देश की बेटियों का मान है। उन मां बाप के लिए प्रेरणास्रोत है, जो बेटियों को बोझ समझते हैं। कोख में ही बेटियों को मारने वालों के लिए भी रुकसाना एक संदेश है।
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित रुखसाना कौसर ‘बेटी ही बचाएगी’ के अभियान को अपने क्षेत्र में नई दिशा दे रही हैं। जहां भी वह जाती हैं, बेटियों को बचाने के लिए पैगाम लेकर जाती हैं। बताते चलें कि रुखसाना वही बहादुर बेटी है, जिसने घर में घुसे आतंकी को कुल्हाड़ी से काट दिया था और अपने परिवार सहित अपनी आबरू बचाई।
2009 में रुखसाना कौसर के घर लश्कर के दो आतंकी घुस आए थे। यहां रुखसाना ने अपने और खुद की रक्षा करते हुए कुल्हाड़ी से एक आतंकी को काट दिया और उसकी एके 47 भी छीन ली। अन्य आतंकी को घायल कर दिया और उसे पकड़ने में मदद की।
कई सम्मानों से रुखसाना को नवाजा गया
रुखसाना के इस कारनामे ने बता दिया कि बेटियां कितनी बहादुर होती हैं। रुखसाना ने बहादुरी से आतंकी को मार कर देश के सामने एक उदाहरण पेश किया कि बेटियां किसी से कम नहीं। मात्र 20 वर्ष की उम्र में उसने अपनी बहादुरी का सबूत दिया था।
रुखसाना उन मां-बाप के लिए एक प्रेरणा हैं, जो बेटियों को बोझ बताते हैं। वह कहती हैं कि बेटियों को यदि जन्म ही लेने दिया जाएगा तो पता कैसे लगेगा कि वह क्या कर सकती हैं। बेटियों को मौका मिलना चाहिए, ताकि वह अपने आपको साबित कर सकें।
रुखसाना को कन्या भ्रूण हत्या करने वालों से सख्त नफरत है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करती हैं। देश में कई सम्मानों से रुखसाना को नवाजा गया है। वह जहां भी जाती हैं, लोगों से कहती हैं कि बेटियों को पढ़ाओ और बेटियों को बचाओ।