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वारिश से लोगो को गर्मी से मिली राहत
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आरएस पुरा। उपजिले में शनिवार सुबह हुई बारिश से लोगों को पड़ रही उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत मिली। इस बारिश से किसानों को धान की रोपाई के लिए राहत नहीं मिली। किसान शमशेर सिंह का कहना है कि सुबह बारिश के चलते जरूर राहत मिली है, लेकिन इतनी बारिश नहीं हो पाई कि वह धान की रोपाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि अगर चार-पांच घंटे तक तेज बारिश होती तो उससे किसानों को राहत मिलती। कई दिन से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को जरूर राहत मिली है। किसान रतन लाल का कहना है कि जिस प्रकार शनिवार को बारिश हुई है अगर एक- दो दिनों के भीतर इसी प्रकार की बारिश हो तो किसानों को धान की रोपाई के लिए बेहतर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आसमान पर बादल थे, उससे लगता था कि दिन भर बारिश होगी लेकिन कुछ घंटों के बाद ही धूप निकल आई। रमेश चौधरी का कहना है कि इन दिनों पड़ रही उमस भरी गर्मी में जीना मुहाल बना होने पर रात के समय आराम कर पाना भी मुश्किल बना हुआ था। शनिवार को बारिश होने पर लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है।
बारिश से कई क्षेत्र जलमग्न हुए
सांबा। गत कई दिन से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी रही। पहाड़ी ब्लाक सुंब के नालों में आई बाढ़ से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सांबा सुंब मार्ग पर चलने वाली मिनी यात्री बस एक नाले में बाढ़ के पानी में फंस गई, जिसे जेसीबी से निकाला गया। उधर सुपवाल हाईवे पर पानी की निकासी नहीं होने से मार्ग पर पानी का जमाव बना रहा। हाईवे पर चलने वाले वाहन चालक भी परेशान रहे, जबकि स्थानीय लोगों के घरों में पानी भरने का भी समाचार है। सांबा कस्बा के बाजारों में बारिश के पानी से नालियों की गंदगी बाजारों में पहुंच कई जिससे लोगों को आने जाने की परेशानी बनी रही।
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बारिश के कारण हाईवे पर बनी रही जाम की स्थिति
विजयपुर। शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। नेशनल हाईव क्षेत्र के गुड़ा मोड़ में पानी की निकासी न होने के कारण गाड़ियों का कुछ समय के लिए जाम लग गया। बिजली के खंभे भी गिरे। इस कारण कुछ समय के बिजली भी बंद रही। विभाग द्वारा कुछ घंटों में बिजली बहाल कर दी गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहन मुश्किल से निकल रहे थे। शनिवार सुबह लगातार एक घंटे बारिश होने के कारण यह हालात बने हैं। नेशनल हाईवे ब्लॉक होने से दोनों तरफ कई किलोमीटर जाम लग गया। बरसात बंद होने के बाद नेशनल हाईवे खुला, जाम में फंसे राहगीर योगराज, सुनील, इमरान, कर्मवीर, राजेश आदि ने बताया कि वे सुबह जम्मू की तरफ जा रहे थे। संवाद
बारिश का पानी घरों में घुसने पर लोगों ने हाईवे किया जाम
सांबा। शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से पानी लोगों के घरों में घुस गया। इसके विरोध में लोगों ने हाईवे पर पहुंच कर जाम लगाया। जानकारी के अनुसार बारिश से हाईवे का पानी कहीं भी नहीं निकलने पर पानी लोगों के घरों में घुस गया। लोग सड़कों पर आ गए। उनका कहना था कि हाईवे बनाते समय उनके घरों का ख्याल ही नहीं रखा गया। पानी की निकासी नहीं रखी गई। इससे बारिश होने पर पानी उनके घरों में घुस गया है, जिस पर जिला प्रशासन के अधिकारी व पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत किया। मार्ग को आवाजाही के लिए बहाल कराया।
सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिले
दो घंटे हुई बारिश से जलमग्न हुए खेत
रामगढ़ । सीमावर्ती क्षेत्र में शनिवार सुबह से हुई बारिश से किसानों की जिंदगी फिर पटरी पर लौटी। किसानों के चेहरे पर रौनक दिखाई दी। किसानों का कहना है कि हमें अभी अपनी धान की फसल फलने की उम्मीद हो गई है। ऐसे ही बारिश होती रही तो क्षेत्र में धान की अच्छी फसल हो सकती है । किसान मोहन सिंह भट्टी, रमेश चौधरी, विजय कुमार, बाबा चौधरी, भगवान शर्मा, टिकू चौधरी, बलवंत सिंह का कहना है कि हमारे क्षेत्र में काफी सारे किसान बारिश पर ही निर्भर थे तो जैसे क्षेत्र में गर्मी की पहली अच्छी बारिश हुई है, जिससे किसानों को काफी राहत मिली है। किसान नेता भगवान चौधरी का कहना है कि हमारे कंडी क्षेत्र में पानी की जरूरत पूरी हो गई है। हमारे क्षेत्र के कुछ किसान के खेतों में पंप सेट नहीं है उन्हें भी बारिश से काफ़ी फायदा मिल हैं। इसी तरह से आगे भी बारिश होती रहीं तो हमारे क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिलेगी।
बारिश से मिली किसानों को राहत
करीब पांच घंटों तक हुई बारिश ने मानसून का अहसास भी दिलाया
अरनिया। भीषण गर्मी व सूखे को लेकर किसानों को आखिर नौ दिन बाद शनिवार को राहत मिल ही गई। वहीं उमस व गर्मी से भी कुछ हद तक छुटकारा मिला। सुबह उठते ही बादल दिखने से खासतौर से किसानों की आंखों में उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी। साढे़ आठ बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। हालांकि बारिश की गति धीमी रही, मगर लगातार करीब पांच घंटे तक जारी रहने से खेतों में जलभराव हो गया। किसानों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में बारिश तो नहीं हुई, मगर धान की रोपाई के लिए मामूली सी राहत जरूर मिली है। कहा कि बीते करीब नौ दिन से लगातार तपिश, उमस व गर्म हवा से पूरे खेतों में सूखे का आलम बन चुका था। इस बारिश से तपती व प्यासी भूमि को मामूली राहत जरूर मिली है। सीजन की पहली बारिश से लगा कि मानसून हम पर मेहरबान होने वाला है, अगर आने वाले दिनों में भी बारिश होती रही तो हमें काफी राहत मिलेगी, जिसकी हमें इस समय सख्त जरूरत भी है। संवाद
बारिश होने से लोगों ने ली राहत की सांस
कई जगह हुआ जलभराव
बाड़ी ब्राह्मणा। कस्बे में लगातार पड़ रही गर्मी के अंतर्गत लोगों का जीना मुहाल हो गया था। शनिवार को हुई बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार सुबह 9:00 बजे के करीब बारिश शुरू हो गई। इससे गर्मी की तपिश दूर हो गई। लोगों की जान में जान आ गई है। बारिश से पहले की स्थिति बहुत ही खराब बनी थी। गर्मी ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया था। बिजली की कटौती को लेकर भी शहरवासियों का जीना मुहाल हो रहा था। इसलिए उनके लिए यह बारिश एक वरदान से कम नहीं है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव भी हो गया है। तहसील परिसर में जलभराव हो गया है और काफी पानी इकट्ठा हो गया है। तीन जगह नालियां ब्लॉक होने की भी समस्या आई, म्यूनिसिपल कमेटी द्वारा उसे खत्म कर दिया गया है। संवाद
क्षेत्र में बारिश होने पर किसानों ने ली राहत की सांस
ज्यौड़ियां। धान की रोपाई कर रहे किसानों को सिंचाई करने के लिये काफी दिक्कतें आ रही थीं। क्योंकि न ही नहरों में पानी है और न ही पर्याप्त बिजली आ रही थी। क्षेत्र में बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि सूखने की कगार पर रोपाई की हुई धान तो अब सूखने से बच जाएगी।
गांव मट्टू के किसान नारायण सिंह चौधरी ने बताया कि नहर का पानी नहीं मिलने और बारिश के नही होने से धान की रोपाई का का काम रुक गया था, जोकि अब बारिश के होने से फिर से शुरू कर दिया है। किसान नारायण सिंह चौधरी ने बताया कि अभी पर्याप्त बारिश तो नही हुई लेकिन फिर भी ठीक है जो फसल सूख रही थी अब वह बच जाएगी। किसान राकेश कुमार, जोगिंदर सिंह तथा घसीटा राम ने धान की फसल की रोपाई का काम फिर से शुरू कर दिया है, किसानों ने बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश के लिए भंडारे तथा लंगर भी लगाए गए थे।
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उन्होंने कहा कि अगर चार-पांच घंटे तक तेज बारिश होती तो उससे किसानों को राहत मिलती। कई दिन से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को जरूर राहत मिली है। किसान रतन लाल का कहना है कि जिस प्रकार शनिवार को बारिश हुई है अगर एक- दो दिनों के भीतर इसी प्रकार की बारिश हो तो किसानों को धान की रोपाई के लिए बेहतर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आसमान पर बादल थे, उससे लगता था कि दिन भर बारिश होगी लेकिन कुछ घंटों के बाद ही धूप निकल आई। रमेश चौधरी का कहना है कि इन दिनों पड़ रही उमस भरी गर्मी में जीना मुहाल बना होने पर रात के समय आराम कर पाना भी मुश्किल बना हुआ था। शनिवार को बारिश होने पर लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है।
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बारिश से कई क्षेत्र जलमग्न हुए
सांबा। गत कई दिन से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी रही। पहाड़ी ब्लाक सुंब के नालों में आई बाढ़ से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सांबा सुंब मार्ग पर चलने वाली मिनी यात्री बस एक नाले में बाढ़ के पानी में फंस गई, जिसे जेसीबी से निकाला गया। उधर सुपवाल हाईवे पर पानी की निकासी नहीं होने से मार्ग पर पानी का जमाव बना रहा। हाईवे पर चलने वाले वाहन चालक भी परेशान रहे, जबकि स्थानीय लोगों के घरों में पानी भरने का भी समाचार है। सांबा कस्बा के बाजारों में बारिश के पानी से नालियों की गंदगी बाजारों में पहुंच कई जिससे लोगों को आने जाने की परेशानी बनी रही।
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बारिश के कारण हाईवे पर बनी रही जाम की स्थिति
विजयपुर। शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। नेशनल हाईव क्षेत्र के गुड़ा मोड़ में पानी की निकासी न होने के कारण गाड़ियों का कुछ समय के लिए जाम लग गया। बिजली के खंभे भी गिरे। इस कारण कुछ समय के बिजली भी बंद रही। विभाग द्वारा कुछ घंटों में बिजली बहाल कर दी गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहन मुश्किल से निकल रहे थे। शनिवार सुबह लगातार एक घंटे बारिश होने के कारण यह हालात बने हैं। नेशनल हाईवे ब्लॉक होने से दोनों तरफ कई किलोमीटर जाम लग गया। बरसात बंद होने के बाद नेशनल हाईवे खुला, जाम में फंसे राहगीर योगराज, सुनील, इमरान, कर्मवीर, राजेश आदि ने बताया कि वे सुबह जम्मू की तरफ जा रहे थे। संवाद
बारिश का पानी घरों में घुसने पर लोगों ने हाईवे किया जाम
सांबा। शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से पानी लोगों के घरों में घुस गया। इसके विरोध में लोगों ने हाईवे पर पहुंच कर जाम लगाया। जानकारी के अनुसार बारिश से हाईवे का पानी कहीं भी नहीं निकलने पर पानी लोगों के घरों में घुस गया। लोग सड़कों पर आ गए। उनका कहना था कि हाईवे बनाते समय उनके घरों का ख्याल ही नहीं रखा गया। पानी की निकासी नहीं रखी गई। इससे बारिश होने पर पानी उनके घरों में घुस गया है, जिस पर जिला प्रशासन के अधिकारी व पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत किया। मार्ग को आवाजाही के लिए बहाल कराया।
सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिले
दो घंटे हुई बारिश से जलमग्न हुए खेत
रामगढ़ । सीमावर्ती क्षेत्र में शनिवार सुबह से हुई बारिश से किसानों की जिंदगी फिर पटरी पर लौटी। किसानों के चेहरे पर रौनक दिखाई दी। किसानों का कहना है कि हमें अभी अपनी धान की फसल फलने की उम्मीद हो गई है। ऐसे ही बारिश होती रही तो क्षेत्र में धान की अच्छी फसल हो सकती है । किसान मोहन सिंह भट्टी, रमेश चौधरी, विजय कुमार, बाबा चौधरी, भगवान शर्मा, टिकू चौधरी, बलवंत सिंह का कहना है कि हमारे क्षेत्र में काफी सारे किसान बारिश पर ही निर्भर थे तो जैसे क्षेत्र में गर्मी की पहली अच्छी बारिश हुई है, जिससे किसानों को काफी राहत मिली है। किसान नेता भगवान चौधरी का कहना है कि हमारे कंडी क्षेत्र में पानी की जरूरत पूरी हो गई है। हमारे क्षेत्र के कुछ किसान के खेतों में पंप सेट नहीं है उन्हें भी बारिश से काफ़ी फायदा मिल हैं। इसी तरह से आगे भी बारिश होती रहीं तो हमारे क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिलेगी।
बारिश से मिली किसानों को राहत
करीब पांच घंटों तक हुई बारिश ने मानसून का अहसास भी दिलाया
अरनिया। भीषण गर्मी व सूखे को लेकर किसानों को आखिर नौ दिन बाद शनिवार को राहत मिल ही गई। वहीं उमस व गर्मी से भी कुछ हद तक छुटकारा मिला। सुबह उठते ही बादल दिखने से खासतौर से किसानों की आंखों में उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी। साढे़ आठ बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। हालांकि बारिश की गति धीमी रही, मगर लगातार करीब पांच घंटे तक जारी रहने से खेतों में जलभराव हो गया। किसानों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में बारिश तो नहीं हुई, मगर धान की रोपाई के लिए मामूली सी राहत जरूर मिली है। कहा कि बीते करीब नौ दिन से लगातार तपिश, उमस व गर्म हवा से पूरे खेतों में सूखे का आलम बन चुका था। इस बारिश से तपती व प्यासी भूमि को मामूली राहत जरूर मिली है। सीजन की पहली बारिश से लगा कि मानसून हम पर मेहरबान होने वाला है, अगर आने वाले दिनों में भी बारिश होती रही तो हमें काफी राहत मिलेगी, जिसकी हमें इस समय सख्त जरूरत भी है। संवाद
बारिश होने से लोगों ने ली राहत की सांस
कई जगह हुआ जलभराव
बाड़ी ब्राह्मणा। कस्बे में लगातार पड़ रही गर्मी के अंतर्गत लोगों का जीना मुहाल हो गया था। शनिवार को हुई बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार सुबह 9:00 बजे के करीब बारिश शुरू हो गई। इससे गर्मी की तपिश दूर हो गई। लोगों की जान में जान आ गई है। बारिश से पहले की स्थिति बहुत ही खराब बनी थी। गर्मी ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया था। बिजली की कटौती को लेकर भी शहरवासियों का जीना मुहाल हो रहा था। इसलिए उनके लिए यह बारिश एक वरदान से कम नहीं है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव भी हो गया है। तहसील परिसर में जलभराव हो गया है और काफी पानी इकट्ठा हो गया है। तीन जगह नालियां ब्लॉक होने की भी समस्या आई, म्यूनिसिपल कमेटी द्वारा उसे खत्म कर दिया गया है। संवाद
क्षेत्र में बारिश होने पर किसानों ने ली राहत की सांस
ज्यौड़ियां। धान की रोपाई कर रहे किसानों को सिंचाई करने के लिये काफी दिक्कतें आ रही थीं। क्योंकि न ही नहरों में पानी है और न ही पर्याप्त बिजली आ रही थी। क्षेत्र में बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि सूखने की कगार पर रोपाई की हुई धान तो अब सूखने से बच जाएगी।
गांव मट्टू के किसान नारायण सिंह चौधरी ने बताया कि नहर का पानी नहीं मिलने और बारिश के नही होने से धान की रोपाई का का काम रुक गया था, जोकि अब बारिश के होने से फिर से शुरू कर दिया है। किसान नारायण सिंह चौधरी ने बताया कि अभी पर्याप्त बारिश तो नही हुई लेकिन फिर भी ठीक है जो फसल सूख रही थी अब वह बच जाएगी। किसान राकेश कुमार, जोगिंदर सिंह तथा घसीटा राम ने धान की फसल की रोपाई का काम फिर से शुरू कर दिया है, किसानों ने बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश के लिए भंडारे तथा लंगर भी लगाए गए थे।