पुलवामा हमला: इंटेलिजेंस को दो दिन पहले ही मिल गए थे कश्मीर में किसी बड़ी साजिश के इनपुट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर के पुलवामा में डीपीएल पर हुआ आतंकी हमला एक बार फिर भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शनिवार सुबह हुए आतंकी हमले में करीब 17 घंटे से जारी मुठभेड़ में अब तक 8 जवान शहीद हो चुके हैं जबकि 2 आतंकियों को भी मार गिराया गया है।
पर आतंकियों की इस साजिश को नेस्तनाबूत करने में इतना वक्त लग जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कश्मीर एक बार फिर आतंकियों के सबसे बड़े हमले से दहल चुका है।
बड़ा सवाल ये कि दो दिन पहले ही इंटेलिजेंस के द्वारा किसी आतंकी हमले की आशंका के जो इनपुट जारी किए गए थे क्या उसी के क्त्रस्म में पुलवामा में पुलिस लाइंस को निशाना बनाया गया। दरअसल सेना को दो दिनों पहले पुंछ के रास्ते किसी आतंकी दल के हिंदुस्तानी इलाके में घुसपैठ करने के इनपुट मिले थे।
सुरक्षा प्रतिष्ठान और स्कूलों में थे हमले के इनपुट
इसके साथ ही ये भी अलर्ट दिया गया था कि ये आतंकी जम्मू संभाग में किसी सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बना सकते हैं। इस इनपुट के क्त्रस्म में साजिश में किसी स्कूल पर भी हमले की आशंका जताई गई थी। इसके बाद सेना द्वारा उधमपुर से लेकर जम्मू तक कई इलाकों में एसओजी और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा गहन तलाशी अभियान चलाया गया।
एहतियातन कई स्कूल बंद किए गए थे। इसके साथ ही पुलिस द्वारा भी लोगों से अलर्ट रहने की अपील की गई थी। दूसरी ओर जम्मू और कश्मीर में सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई। इन सब के बावजूद भी फिदायीन आतंकियों द्वारा कश्मीर में एक बार फिर पुलिस के प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया।
अब एजेंसियां इस बात की जांच में जुटी हुई हैं कि क्या जम्मू के लिया मिला अलर्ट आतंकियों की साजिश को समझने में थोड़ी सी चूक थी या पुलवामा में हुआ हमला एक सुनियोजित साजिश के तरह पाकिस्तानी हुक्मरानों की शह पर पूरी योजना बनाकर कराया गया है।