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प्रधानमंत्री आवास योजना का नहीं मिल रहा लाभ
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अरनिया। नगर पालिका में इन दिनों प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वालों मकानों को लेकर काफी आरोप लगाए जा रहे हैं। पालिका अध्यक्ष इनको सिरे से खारिज कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि योजना में जिन लोगों के नाम शामिल किए जा रहे हैं उनमें धनाढ्य लोगों को शामिल किया जा रहा है।
जानकारी अनुसार कुछ दिन पहले नगर पालिका की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 132 लाभार्थियों की सूची जारी की गई। जिसे लेकर विपक्षी चार पार्षदों ने इन नामों को आपसी मिलीभगत बताते हुए अध्यक्ष पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया। वार्ड-12 के निर्दलीय पार्षद डॉक्टर एमएल राव का कहना है कि सूची में करीब 50 नाम ऐसे हैं, जिनके दो-दो मंजिला मकान हैं। जबकि कच्चे मकानों में रह रहे गरीबों के नाम ही गायब हैं। आरोप लगाया कि लाभार्थियों के खाते में राशि जारी डालने से पहले पांच से दस हजार रुपये लिए जाते हैं, जिसकी हम जांच भी कराएंगे। वार्ड-पांच के कैलाश चंद्र सैनी व 11 के जीत राज सैनी ने भी इसे फर्जी सूची बताया।
नगर पालिका अध्यक्ष रमेश कुमार सैनी का कहना है कि यह सब विपक्षियों की साजिश है। वास्तव में इन लोगों को ईमानदारी से कराए जा रहे कार्य रास नहीं आ रहे और न ही इनको कुछ खाने को मिल रहा है। बाकी रही जांच कराने की बात, तो वो किसी भी एजेंसी से कराई जा सकती है। मैं इनको यहीं राय दूंगा कि मुझ पर आरोप लगाने से पहले इसकी जांच करा लें, जिससे पूरे ढाई बरस का हिसाब किताब पता चल जाएगा कि किस पार्षद ने कितने खाए। वैसे भी मैं लगाए गए आरोपों की जांच कराना चाहता हूं, ताकि लोगों को पता चले कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किसने कितने पैसे लोगों से लिए हैं।
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जानकारी अनुसार कुछ दिन पहले नगर पालिका की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 132 लाभार्थियों की सूची जारी की गई। जिसे लेकर विपक्षी चार पार्षदों ने इन नामों को आपसी मिलीभगत बताते हुए अध्यक्ष पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया। वार्ड-12 के निर्दलीय पार्षद डॉक्टर एमएल राव का कहना है कि सूची में करीब 50 नाम ऐसे हैं, जिनके दो-दो मंजिला मकान हैं। जबकि कच्चे मकानों में रह रहे गरीबों के नाम ही गायब हैं। आरोप लगाया कि लाभार्थियों के खाते में राशि जारी डालने से पहले पांच से दस हजार रुपये लिए जाते हैं, जिसकी हम जांच भी कराएंगे। वार्ड-पांच के कैलाश चंद्र सैनी व 11 के जीत राज सैनी ने भी इसे फर्जी सूची बताया।
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नगर पालिका अध्यक्ष रमेश कुमार सैनी का कहना है कि यह सब विपक्षियों की साजिश है। वास्तव में इन लोगों को ईमानदारी से कराए जा रहे कार्य रास नहीं आ रहे और न ही इनको कुछ खाने को मिल रहा है। बाकी रही जांच कराने की बात, तो वो किसी भी एजेंसी से कराई जा सकती है। मैं इनको यहीं राय दूंगा कि मुझ पर आरोप लगाने से पहले इसकी जांच करा लें, जिससे पूरे ढाई बरस का हिसाब किताब पता चल जाएगा कि किस पार्षद ने कितने खाए। वैसे भी मैं लगाए गए आरोपों की जांच कराना चाहता हूं, ताकि लोगों को पता चले कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किसने कितने पैसे लोगों से लिए हैं।
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