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अस्थायी कर्मचारियों ने की स्थायी करने की मांग
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बिलावर। जल शक्ति विभाग सहित अन्य कई विभागों के अस्थायी कर्मियों की वीरवार को एक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता अस्थायी कर्मियों के प्रधान बीरबल जलमेरिया ने की। बैठक में कर्मचारियों ने उपराज्यपाल से मांग की कि उन्हें स्थायी किया जाए।
इस मौके पर प्रधान ने कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं विभिन्न विभागों में दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने आज तक अस्थायी कर्मचारियों की सुध नहीं ली। 60 महीनों के बकाया वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
इस अवसर पर मौजूद अस्थायी कर्मचारी कमलेश ने कहा कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन मिले कि उन्हें जल्द स्थायी किया जाएगा, लेकिन आज तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। जगदीश सिंह ने कहा कि कई कर्मचारियों की उमर 55 वर्ष से अधिक हो गई है। ज्यादातर कर्मचारी 20 से 25 वर्षों तक अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके लिए कोई भर्ती नीति नहीं बनाई गई है। इतने वर्ष सेवाएं देने के बावजूद वह बतौर अस्थायी कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। अब तो परिवारों का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
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बीरबल ने कहा कि इस महंगाई के दौर में वह किस प्रकार अपना और अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं? यह सिर्फ वह खुद ही जानते हैं। अस्थायी कर्मचारियों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग की है कि अलग-अलग विभागों में काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों की जल्द से जल्द सुध ली जाए। इस मौके पर सुभाष, अमित, केवल सहित कई लोग मौजूद रहे।
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इस मौके पर प्रधान ने कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं विभिन्न विभागों में दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने आज तक अस्थायी कर्मचारियों की सुध नहीं ली। 60 महीनों के बकाया वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
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इस अवसर पर मौजूद अस्थायी कर्मचारी कमलेश ने कहा कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन मिले कि उन्हें जल्द स्थायी किया जाएगा, लेकिन आज तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। जगदीश सिंह ने कहा कि कई कर्मचारियों की उमर 55 वर्ष से अधिक हो गई है। ज्यादातर कर्मचारी 20 से 25 वर्षों तक अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके लिए कोई भर्ती नीति नहीं बनाई गई है। इतने वर्ष सेवाएं देने के बावजूद वह बतौर अस्थायी कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। अब तो परिवारों का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
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बीरबल ने कहा कि इस महंगाई के दौर में वह किस प्रकार अपना और अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं? यह सिर्फ वह खुद ही जानते हैं। अस्थायी कर्मचारियों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग की है कि अलग-अलग विभागों में काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों की जल्द से जल्द सुध ली जाए। इस मौके पर सुभाष, अमित, केवल सहित कई लोग मौजूद रहे।