कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर घाटी में बवाल
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उत्तरी कश्मीर के पट्टन, पलहालन और सोपोर में भी रैलियां निकाली गई। पुलिस पट्टन में निकाली गई रैली को नहीं रोक पाई। रैली जामिया मस्जिद से निकलकर मुख्य बाजार तक जाकर संपन्न हुई, जबकि पलहालन में प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर-बारामुला राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना दिया। इससे करीब दो घंटे तक यातायात ठप रहा।
वहीं सोपोर मेन चौक में स्टेट बैंक के बाहर बने सीआरपीएफ के बंकर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। सोपोर टाउन को सुरक्षाबलों द्वारा वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए पहले ही सील किया गया था, क्योंकि कई राजनेता कांग्रेस नेता गुलाम रसूल के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे।
मोहम्मद यासीन मलिक गिरफ्तार
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के मुद्दे पर शुक्रवार को घाटी में जमकर बवाल हुआ। घाटी में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों में झड़प भी हुई। इस बीच अलगाववादी यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। प्रदर्शन के चलते श्रीनगर में तनाव की स्थिति रही।
जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बनाने के केंद्र के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। जेकेएलएफ कार्यकर्ता श्रीनगर के मायसूमा इलाके में स्थित मकबूल मंजिल के पास एकत्रित हुए और रैली निकाली।
मायसूमा में रहने वाले कुछेक कश्मीरी पंडित भी रैली में देखे गए। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर लिए राज्य तथा केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए लाल चौक की ओर जुलूस के रूप में बढ़ने लगे। जेकेएलएफ समर्थकों के लाल चौक मार्च को नाकाम बनाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
सभी रास्ते सील कर रखे थे। पुलिस ने जेकेएलएफ के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक सहित कई जेकेएलएफ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
सीआरपीएफ के जवानों पर पत्थर बरसाए
यासीन मलिक की गिरफ्तारी से भड़के जेकेएलएफ समर्थकों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस को बल प्रयोग के अलावा आंसूगैस के गोले भी छोड़ने पड़े। हिंसक झड़पों से मायसूमा के साथ-साथ आसपास के इलाकों में हालात तनावपूर्ण बन गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों पर पत्थर बरसाए।
इसमें कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बल के जवान घायल हुए। एक फोटोग्राफर भी घायल हुआ। एक अंग्रेजी चैनल के पत्रकार की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। कई घंटे तक चले इस हंगामे से यातायात ठप रहा। जेकेएलएफ के प्रवक्ता के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान बशीर कश्मीरी, शौकत अहमद डार को गंभीर चोटें पहुंची हैं।
श्रीनगर के पुराने शहर में भी नमाज के बाद मीरवाइज मौलवी उमर फारूक के नेतृत्व में रैली निकाली गई। गोजवारा इलाके में भी युवाओं ने पत्थरबाजी की।