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जन्माष्टमी पर भी गट्टू का खतरा, बिक रही प्रतिबंधित डोर

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जम्मू। मंदिरों के शहर में प्रतिबंधित चाइनीज डोर (गट्टू) की कालाबाजारी बेखौफ जारी है, पुलिस और प्रशासन इसे रोक पाने में नाकाम रहे हैं। हर साल रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर होने वाली पतंगबाजी में प्रतिबंधित गट्टू डोर का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है। इन त्योहारों से पूर्व जिला प्रशासन इस डोर के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है। बावजूद इसके कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रह जाती है।
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रक्षाबंधन पर भी अधिकांश छतों से जमकर गट्टू डोर का ही प्रयोग हुआ। इस गट्टू डोर से सरवाल के छह वर्षीय ध्रुव को जान गंवानी पड़ी। अब जन्माष्टमी पर होने वाली पतंगबाजी में भी गट्टू डोर का खतरा बना हुआ है। पतंगबाजी के दौरान किसका गला, नाक या शरीर का अन्य कोई हिस्सा कटेगा किसी को पता नहीं है।
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रक्षाबंधन पर व्यापक स्तर पर गट्टू डोर के प्रयोग से साफ हो गया है कि इसकी बाजार में जमकर कालाबाजारी हुई है। अधिक मुनाफे के लिए चाइनीज डोर की चोरीछिपे बिक्री की जाती है। प्रशासनिक स्तर पर इसे लेकर अधिक सख्ती नहीं दिखाई गई, जिससे डोर लगभग हर छत तक पहुंच गई। शहर के एक ध्रुव के चले जाने के बाद अब हर मां-बाप को ऐसे त्योहारों पर अपने बच्चों को लेकर चिंता बढ़ गई है। पतंगबाजी के दौरान अधिकांश बच्चे दिनभर छतों पर रहते हैं और उनके आसपास से सैकड़ों बार ऐसी गट्टू डोर छूकर निकलती है। अगर कोई इसकी चपेट में आता है तो परिणाम घातक हो सकते हैं।
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प्रशासन ने औचक निरीक्षण किए : एडीसी
एडीसी कानून व्यवस्था घनश्याम सिंह का कहना है कि चाइनीज डोर (गट्टू) को पकड़ने के लिए उनके साथ प्रशासनिक टीम ने बाजारों में औचक निरीक्षण किए। इसमें दुकानदारों को चेतावनी भी दी गई। इसके साथ संबंधित तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी निरीक्षण के लिए लगाया गया है। पुलिस प्रशासन ने भी प्रतिबंधित गट्टू डोर के लिए कानूनी कार्रवाई की है।
गट्टू डोर की खरीद-फरोख्त
रोकने के लिए अभियान तेज
- बाजारों में खंगाली जा रही दुकानें, दर्ज होगा केस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जन्माष्टमी पर पतंगबाजी के लिए प्रतिबंधित चाइनीज डोर (गट्टू) के इस्तेमाल पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। लोग पतंगबाजी के लिए गट्टू डोर का इस्तेमाल करेंगे, जो घातक साबित हो रही है। इसकी खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए शहर के बाजारों समेत मोहल्लों की दुकानें खंगाली जा रही हैं। दुकानों से गट्टू डोर मिलने पर एफआईआर दर्ज होगी। मंगलवार को पुलिस ने जम्मू शहर के कई बाजारों में अभियान चलाकर दुकानों की जांच की।
पुलिस के अनुसार कई दुकानदार गट्टू डोर बेच रहे हैं। कम राशि में डोर उपलब्ध होने से लोग इसे खरीदकर पतंगबाजी कर रहे हैं, लेकिन बाद में डोर इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए मुसीबत बन रही है। रक्षाबंधन के बाद तीन दिन के भीतर ही दस से ज्यादा लोग चाइनीज डोर से जख्मी होकर जीएमसी में इलाज करवाने पहुंचे हैं।
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सात दिन में 22 मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार 30 अगस्त जन्माष्टमी तक अब बाजारों में रूटीन गश्त कर दुकान की जांच की जाएगी। इस बारे में दुकानदारों को भी आगाह किया गया है लोगों को भी चाइनीज डोर का इस्तेमाल न करने के लिए पुलिस जागरूक कर रही है। बीते सात दिन में शहर में चाइनीज डोर पकड़े जाने के 22 से ज्यादा मामले दर्ज किए चुके हैं।
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जम्मू शहर के बाजरों में दुकानों की चेकिंग की जा रही है। चाइनीज डोर की खरीद-फरोख्त करते जो भी पकड़ा गया उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। प्रतिबंधित डोर न बेचने के लिए दुकानदारों को भी जागरूक किया जा रहा है। अभिभावक भी बच्चों पर नजर रखें।

- चंदन कोहली, एसएसपी, जम्मू
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मढ़ में तहसीलदार ने दी दुकानों पर दबिश
दोमाना। डीसी के निर्देश पर तहसीलदार मढ़ रामपाल शर्मा और दोमाना पुलिस ने मढ़ के अंतर्गत दुकानों पर दबिश देकर गट्टू डोर की चेकिंग की। तहसीलदार ने दुकानदारों को गट्टू डोर न बेचने के निर्देश जारी किए। तहसीलदार ने कहा अगर कोई दुकानदार गट्टू डोर बेचता पकड़ा गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एएसआई बशीर अहमद भी मौजूद रहे। संवाद
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