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चिनाब नदी पर खडी़ मोटरबोट बनी शोपीस
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परगवाल में चिनाब पर खडी़ मोटरवोट
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परगवाल। चिनाब पर पिछले दिनों मोटरबोट उतार कर बाढ़ नियंत्रण विभाग ने लोगों को बहुत जल्द राहत देने की बात कही, लेकिन इसके विपरीत कई दिन बीत जाने के बाद भी विभाग लोगों की आवाजाही के लिए मोटरबोट शुरू नहीं कर पाया है। इससे सीमा क्षेत्र के लोगों ने विभाग के प्रति नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि इंद्री पतन पर मोटरबोट उतारने के बाद विभाग लोगों को नई प्रणाली से चिनाब पार कराने की बात कर रहा था, जिससे लोग भी काफी उत्साहित थे, लेकिन इतने दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक मोटरबोट दरिया में शोपीस बनकर खड़ी है। विभाग की तरफ से कोई भी यह बताने से बच रहा है कि मोटरबोट शुरू क्यों नहीं हो पा रही है।
जानकारी के अनुसार मोटरबोट चलाने के लिए उसमें पड़ने वाले तेल को लेकर विभाग पशोपेश में है। क्योंकि मोटरबोट के रखरखाव और चलाने के लिए तेल की जरूरत पड़ती है। तेल का खर्च यात्रियों से वसूला जाएगा या इसका खर्च विभाग उठाएगा। इस पर असमंजस बना है। इस कारण विभाग मोटरबोट शुरू नहीं कर पा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग मोटरबोट छोड़ उन्हें किश्ती से ही चिनाब पार कराए, क्योंकि किश्ती नहीं चलने से उन्हें अखनूर से होकर गुजरना पड़ रहा है। जो समय के साथ-साथ जेब पर भी भारी पड़ रहा है।
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गणेश सिंह ने कहा कि मोटरबोट दरिया में पानी का ज्यादा बहाव होने से ज्यादा दिन चल नहीं पाएगी, क्योंकि थोडे़ दिन के अंदर चिनाब का जलस्तर बढ़ जाएगा। दूसरा किश्ती से चिनाब पार करना ज्यादा सुरक्षित होता है। इसलिए विभाग जल्दी से जल्दी किश्ती की व्यवस्था करे। इससे लोगों को कोई परेशानी न हो। रमेश सिंह ने कहा कि हर सीजन में दरिया में पानी कम होने की स्थिति में विभाग चिनाब में किश्ती चलाता था। इस बार विभाग अभी तक किश्ती शुरू नहीं कर पाया है। इससेे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है। उन्होंने कहा कि हमें मोटरबोट से चिनाब पार कराने को छोड़कर विभाग किश्ती का बंदोबस्त करे। उन्होंने कहा चिनाब में वोटरबोट ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगी। क्योंकि चिनाब के पानी का बहाव काफी तेज होता है।
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लोगों का कहना है कि इंद्री पतन पर मोटरबोट उतारने के बाद विभाग लोगों को नई प्रणाली से चिनाब पार कराने की बात कर रहा था, जिससे लोग भी काफी उत्साहित थे, लेकिन इतने दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक मोटरबोट दरिया में शोपीस बनकर खड़ी है। विभाग की तरफ से कोई भी यह बताने से बच रहा है कि मोटरबोट शुरू क्यों नहीं हो पा रही है।
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जानकारी के अनुसार मोटरबोट चलाने के लिए उसमें पड़ने वाले तेल को लेकर विभाग पशोपेश में है। क्योंकि मोटरबोट के रखरखाव और चलाने के लिए तेल की जरूरत पड़ती है। तेल का खर्च यात्रियों से वसूला जाएगा या इसका खर्च विभाग उठाएगा। इस पर असमंजस बना है। इस कारण विभाग मोटरबोट शुरू नहीं कर पा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग मोटरबोट छोड़ उन्हें किश्ती से ही चिनाब पार कराए, क्योंकि किश्ती नहीं चलने से उन्हें अखनूर से होकर गुजरना पड़ रहा है। जो समय के साथ-साथ जेब पर भी भारी पड़ रहा है।
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गणेश सिंह ने कहा कि मोटरबोट दरिया में पानी का ज्यादा बहाव होने से ज्यादा दिन चल नहीं पाएगी, क्योंकि थोडे़ दिन के अंदर चिनाब का जलस्तर बढ़ जाएगा। दूसरा किश्ती से चिनाब पार करना ज्यादा सुरक्षित होता है। इसलिए विभाग जल्दी से जल्दी किश्ती की व्यवस्था करे। इससे लोगों को कोई परेशानी न हो। रमेश सिंह ने कहा कि हर सीजन में दरिया में पानी कम होने की स्थिति में विभाग चिनाब में किश्ती चलाता था। इस बार विभाग अभी तक किश्ती शुरू नहीं कर पाया है। इससेे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है। उन्होंने कहा कि हमें मोटरबोट से चिनाब पार कराने को छोड़कर विभाग किश्ती का बंदोबस्त करे। उन्होंने कहा चिनाब में वोटरबोट ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगी। क्योंकि चिनाब के पानी का बहाव काफी तेज होता है।