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जांच में पता चलेगा, कैसे हुआ शिक्षिका का ट्रांसफर
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Thu, 28 Aug 2014 10:24 PM IST
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राजोरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा कुछ दिन पहले प्राथमिक शिक्षिका के ट्रांसफर को गलत करार देते हुए विभाग के डायरेक्टर ने इस पर रोक लगा कर जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। जोन के अंतर्गत पड़ने वाले सरकारी प्राइमरी स्कूल दंती पंछवार की शिक्षिका आरती शर्मा का ट्रांसफर सरकारी मिडिल स्कूल ढांगरी में किया गया था।
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शिक्षिका के ट्रांसफर की खबर जैसे ही अन्य शिक्षकों को लगी तो उन्होंने इसे अवैध करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की। बताया जा रहा है कि शिक्षिका को स्थायी हुए करीब एक वर्ष ही हुआ है। जबकि स्थायी होने के वर्षों बाद भी शिक्षक का ट्रांसफर नहीं की जा सकता है। विभाग द्वारा किसी भी हालत में आरईटी शिक्षक के ट्रांसफर पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है।
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वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ शिक्षकों ने मामले की जानकारी विभाग के डायरेक्टर को दी। डायरेक्टर ने तुरंत मामला को संज्ञान में लेते हुए ट्रांसफर पर रोक लगा दी। वहीं इस बारे में जब विभाग के डायरेक्टर हेम राज पखरू से बात की गई तो उन्होंने ट्रांसफर को अवैध करार देते हुए इस पर रोक लगाने की बात कही। पखरू ने बताया कि सीईओ द्वारा क्यों नियमों का उल्लंघन कर आरईटी शिक्षिका का ट्रांसफर किया गया है, इस बात की जांच की जाएगी।
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कुछ माह पहले मुख्यमंत्री द्वारा आरईटी शिक्षकों के ट्रांसफर पालिसी के बारे में घोषणा की थी। लेकिन घोषणा के बाद अभी तक विभाग द्वारा इस बारे में कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया है। बता दें कि जिले में दूर दराज के सरकारी स्कूलों में कई गलत ट्रांसफर और अटैचमेंट के मामले सामने आते रहे हैं। कई स्कूलों में सैकड़ों बच्चों को पढ़ाने के लिए एक या दो शिक्षक ही मौजूद हैं तो वहीं कई स्कूलों में 20 या 30 बच्चों को पढ़ाने के लिए 8 से 10 तक शिक्षक उपलब्ध हैं।