कांग्रेस में बगावत मामला: सामूहिक इस्तीफा देने वाले बागी नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी, मीर बोले- प्रोटोकॉल का किया उल्लंघन
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीए मीर के खिलाफ सामूहिक रूप से शीर्ष नेतृत्व को अपनों पदों से इस्तीफे की पेशकश करने वाले बागी नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पार्टी सभी बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कर अनुशासनात्मक समिति को सौंपेगी।
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प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीए मीर के खिलाफ सामूहिक रूप से शीर्ष नेतृत्व को अपनों पदों से इस्तीफे की पेशकश करने वाले बागी नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पार्टी सभी बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कर अनुशासनात्मक समिति को सौंपेगी। इस्तीफों पर वीरवार शाम तक पार्टी हाई कमान ने प्रदेश कांग्रेस से कोई ब्योरा नहीं मांगा था, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्रदेश नेतृत्व की ओर से हाई कमान को इस्तीफे देने वाले पार्टी पदाधिकारी जीएम सरूरी और जीएन मोंगा के इस्तीफे मंजूर करने की सिफारिश की गई है।
बताया जाता है कि समिति में ताज मोहिउद्दीन को अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से बागी नेताओं की गतिविधियों को लेकर रिपोर्ट बनाई जा रही है, जिसे कार्रवाई के लिए समिति के पास भेजा जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर ने कहा कि इस्तीफे देने वाले सभी नेताओं ने पार्टी प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। प्रदेश नेतृत्व से कोई चर्चा नहीं की गई है। जी-23 कार्यक्रम के बाद से ही ये नेता पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
पिछले दो साल से उक्त नेता पार्टी गतिविधियों से बाहर थे। ये नेता अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए ऐसे रास्ते अपना रहे हैं। पार्टी हाई कमान ने मामले पर प्रदेश नेतृत्व से अभी कोई जानकारी नहीं मांगी है। इसमें यह भी शक है कि शीर्ष नेतृत्व को ऐसे इस्तीफों पर कोई लिखित दिया गया है या नहीं। पार्टी के पूर्व मंत्री योगेश साहनी का कहना है कि इस्तीफे की पेशकश करने वाले सभी नेता लंबे समय से पार्टी गतिविधियों से बाहर रहे हैं।
यहां तक कि जम्मू कश्मीर मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल के कार्यक्रमों में भी उक्त नेता अनुपस्थित रहे हैं। इस्तीफा देने वाले पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। इस पर चर्चा की जा रही है। फिलहाल गुलाम नबी आजाद ने किसी अन्य दल में न जाने की बात कही है।