उधमपुर-मानसर हाईवे को फोरलेन करने की तैयारी, इन परियोजनाओं की वजह से जमीनों के भाव में भारी इजाफा
मानसर से उधमपुर सड़क को फोरलेन करने की कवायद शुरू हो गई है। केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हाईवे अथॉरिटी को सर्वे के निर्देश जारी किए हैं। फोरलेन के लिए प्रारंभिक सर्वे में मानसर से उधमपुर की दूरी भी कम हो सकेगी। अथॉरिटी जल्द ही सर्वे को पूरा कर इसकी डीपीआर की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
उधमपुर से मानसर तक की सड़क के विस्तारीकरण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। यही सड़क आगे सांबा में जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से जुड़ती है। सूत्रों ने बताया कि पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसका प्रस्ताव केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखा था।
बताया जा रहा है कि सड़क के विस्तारीकरण के लिए पर्यटन की संभावनाओं को सबसे बड़ा आधार बताया गया। इस पर केंद्रीय मंत्रालय ने हाईवे अथॉरिटी को सर्वे और सुझाव देने के निर्देश दिए। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जम्मू-कश्मीर प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय कुमार रजक ने कहा कि उधमपुर-मानसर हाईवे को फोरलेन करने का सर्वे शुरू हो गया है। इससे वर्तमान दूरी को कम किया जा सकेगा।
बताया कि सर्वे की रिपोर्ट जल्द केंद्र को भेज दी जाएगी। इसके बाद मंत्रालय तय करेगा कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट का काम हाईवे अथॉरिटी को देना है या फिर नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को।
जमीनों के भाव में भारी इजाफा
नेशनल हाईवे की नई परियोजनाओं से जम्मू शहर का दायरा बढ़ाया जा सकेगा। हाईवे अथॉरिटी ने सांबा और जम्मू जिले से होकर गुजरने वाली 58.25 किलोमीटर लंबी जम्मू रिंग रोड के आसपास का इलाका रिहायशी कॉलोनियों के लिए बेहतर विकल्प बताया है। वहीं जम्मू विकास प्राधिकरण इसे लेकर पहले से ही नये जम्मू का प्रस्ताव उप राज्यपाल प्रशासन को सौंप चुका है। इस प्रस्ताव के तहत जम्मू रिंग रोड में रिहायशी व कामर्शियल भवन निर्माण की योजना है। इसी तरह से विजयपुर में एम्स बनने के बाद भी इस पूरे इलाके में शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
चढ़ गए जमीनों के दाम
जम्मू रिंग रोड, एम्स और प्रस्तावित दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से जम्मू शहर से सटे इलाकों में जमीनों के भाव में भारी इजाफा हो गया है। रिंग रोड और एम्स की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इस वजह से अब संबंधित इलाकों में जमीनों की खरीद-फरोख्त भी कम हो रही है।