फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Preference to terrorism victims for admission to MBBS and BDS in J&K

जम्मू-कश्मीर: एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए आतंकवाद पीड़ितों को वरीयता

Sun, 14 Nov 2021 02:29 AM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 14 Nov 2021 02:29 AM IST
सार

केंद्र सरकार के निर्देश पर जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (जेकेबीओपीईई) ने जारी किया नोटिस। अभ्यर्थियों को 17 तक जमा करवाने होंगे संबंधित दस्तावेज। 

विज्ञापन
Preference to terrorism victims for admission to MBBS and BDS in J&K
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए आतंकवाद पीड़ित परिवार से जुड़े अभ्यर्थियों को इस बार वरीयता दी जाएगी। केंद्र सरकार ने इस श्रेणी के लिए केंद्रीय पूल से सीटें आवंटित करने की तैयारी कर ली है। इसी के मद्देनजर अब जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (जेकेबीओपीईई) ने नोटिस जारी कर दिया है।नोटिस के अनुसार प्रवेश के लिए जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद पीड़ित वर्ग के नीट में उत्तीर्ण छात्रों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार वरीयता दी जाएगी।

विज्ञापन


आतंकवाद पीड़ितों के लिए बनाई गई तीन श्रेणियों से जुड़े अभ्यर्थियों को संबंधित दस्तावेज 17 नवंबर तक जमा करवाने को कहा है। आतंकवाद पीड़ितों की पहली प्राथमिकता श्रेणी में वे अभ्यर्थी होंगे, जिनके अभिभावक या परिवार के सदस्य की आतंकी गतिविधि अथवा क्रॉस फायरिंग में मौत हुई है। दूसरी प्राथमिकता श्रेणी में वे अभ्यर्थी होंगे, जिनके परिवार से कोई सदस्य आतंकी रोधी अभियान में है या फिर आतंकियों की हिटलिस्ट में शामिल है। तीसरी श्रेणी में वे उम्मीदवार होंगे, जिनके परिवार कश्मीर के हालात के बीच विस्थापित हो गए हैं और उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। 

विज्ञापन
  • आतंकी घटनाओं में मौत के मामले में अभ्यर्थी को संबंधित पुलिस थाने से मृत्यु प्रमाण पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट लानी होगी। प्रमाणपत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सक्षम अधिकारी एसएचओ और एसएसपी के हस्ताक्षर होने चाहिए। 
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • आतंकियों की हिटलिस्ट पर परिवार अथवा जान के जोखिम श्रेणी वाले अभ्यर्थी को डीआईजी, सीआईडी और एसएचओ की ओर से जारी किया गया जान का जोखिम प्रमाणपत्र लाना होगा। 
  • कश्मीर में वर्तमान हालात में विस्थापित श्रेणी से जुड़े अभ्यर्थी को राहत एवं पुनर्वास आयुक्त से विस्थापन का सर्टिफिकेट लाना होगा। 

 गृह मंत्रालय के निर्देश पर जम्मू-कश्मीर बोर्ड ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है। वरीयता के लिए सीटों का आवंटन अखिल भारतीय स्तर पर होगा। अभ्यर्थियाें को निर्धारित तारीख तक संबंधित दस्तावेज जमा करवाने होंगे।
- डॉ. सुनील गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक, जेकेबीओपीईई 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed