सर्दी की वजह से जम्मू-कश्मीर में बिजली उत्पादन की परियोजनाओं को नुकसान
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रियासत की पन बिजली परियोजनाओं से होने वाले उत्पादन को ठंड लगना शुरू हो गई है। खासतौर से दरियाओं में जल स्तर में गिरावट आने की वजह से सिंधु जल समझौते के तहत रन द वाटर स्कीम पर चल रही परियोजनाओं में उत्पादन कम हो गया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिनाब दरिया पर चल रही परियोजनाओं में उत्पादन प्रभावित होना शुरू हो गया है।
बगलिहार एक और बगलिहार दो परियोजना में उत्पादन में कमी आई है। चिनाब, झेलम व सिंधु नदी पर चल रही परियोजनाओं में उत्पादन गिरना शुरू हो चुका है। सर्दी बढ़ने के साथ साथ नदियों व दरियाओं में जल स्तर और भी कम होगा और इसका सीधा असर पन बिजली उत्पादन पर पडे़गा।
सर्दियों में जम्मू में बिजली की मांग जहां गर्मियों के मुकाबले में कम हो गई है, वहीं कश्मीर संभाग में बिजली की मांग बढ़ गई है। उत्पादन कम होने व कश्मीर में बिजली की मांग बढ़ने से रियासत के बिजली विभाग को उत्तरी ग्रिड से आने वाले दिनों में अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ सकती है।
उधर रियासत की करीब तीन पन बिजली परियोजनाओं में कहीं तकनीकी खराबी तो कहीं अन्य कारणों की वजह से बिजली का उत्पादन ठप पड़ा हुआ है। इनमें सेवा तीन परियोजना, भद्रवाह, पहलगाम व इकबाल पन बिजली परियोजना शामिल है।
आज कई इलाकों में प्रभावित रहेगी बिजली आपूर्ति
बर्न ज्यौड़ियां ट्रांसमिशन लाइन और 132 केवी डीसी बर्न कनाल ट्रांसमिशन लाइन पर जरूरी मरम्मत कार्य की वजह से रविवार 20 नवंबर को कनाल ग्रिड स्टेशन, पौनीचक ग्रिड स्टेशन और ज्यौड़ियां ग्रिड स्टेशन से आपूर्ति होने वाली बिजली सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक प्रभावित रहेगी।
वहीं रविवार को ही सुबह आठ से सायं पांच बजे तक कठुआ शहर के कई मोहल्लों, डीसी आफिस, बारमोरा, प्रताप नगर और जिला पुलिस लाइंस में बिजली की आपूर्ति प्रभावित रहेगी।