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कश्मीरी पंडित, डोगरा कर्मचारी कश्मीर से न करें पलायन: भाजपा
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जम्मू। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कश्मीरी पंडित व डोगरा कर्मचारियोें से अपील की है कि वह कश्मीर से पलायन न करें। पाकिस्तान और उसके कायर आतंकवादियों की साजिश को विफल बनाने में सरकार पूरी तरह से सक्षम है। कश्मीरी पंडित व डोगरा कर्मचारियों को कश्मीर में ही सुरक्षित स्थानों पर तैनात किया जा रहा है। भाजपा मुख्यालय त्रिकुटा नगर में रविवार को कश्मीरी पंडितों से बातचीत में रवींद्र रैना ने यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारे देश का मुकुट है। हम सबको एकजुट होकर पाकिस्तान की साजिश को नाकाम बनाना है। पिछले 32 साल से देश पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। हजारों आतंकवादियों को मारा गया है। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में पाकिस्तान ने कश्मीर से राष्ट्रवादी ताकतों के पलायन की साजिश के तहत आतंकवाद को फैलाया।
मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद सेना व सुरक्षा बलों को खुली छूट दी गई। आतंकवाद आखिरी सांसें गिन रहा है। हालात में तेजी से सुधार देख पाकिस्तान ने नई रणनीति के तहत टारगेट किलिंग से डर का माहौल बनाने का प्रयास किया है, ताकि राष्ट्रवादी ताकतों का पलायन हो।
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उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रवादी ताकतें जिसमें कश्मीरी पंडित, डोगरा और देश के विभिन्न हिस्सों से कश्मीर में काम करने आए लोगों को एकजुट होकर दुश्मन की साजिश को नाकाम बनाना है। सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि पर्याप्त सुरक्षा के साथ सुरक्षित स्थानों पर अल्पसंख्यक कर्मचारियों की तैनाती होगी।
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उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारे देश का मुकुट है। हम सबको एकजुट होकर पाकिस्तान की साजिश को नाकाम बनाना है। पिछले 32 साल से देश पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। हजारों आतंकवादियों को मारा गया है। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में पाकिस्तान ने कश्मीर से राष्ट्रवादी ताकतों के पलायन की साजिश के तहत आतंकवाद को फैलाया।
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मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद सेना व सुरक्षा बलों को खुली छूट दी गई। आतंकवाद आखिरी सांसें गिन रहा है। हालात में तेजी से सुधार देख पाकिस्तान ने नई रणनीति के तहत टारगेट किलिंग से डर का माहौल बनाने का प्रयास किया है, ताकि राष्ट्रवादी ताकतों का पलायन हो।
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उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रवादी ताकतें जिसमें कश्मीरी पंडित, डोगरा और देश के विभिन्न हिस्सों से कश्मीर में काम करने आए लोगों को एकजुट होकर दुश्मन की साजिश को नाकाम बनाना है। सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि पर्याप्त सुरक्षा के साथ सुरक्षित स्थानों पर अल्पसंख्यक कर्मचारियों की तैनाती होगी।