नवाज शरीफ के बयान से कश्मीर में उबाल
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उठाने पर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों ने कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि अपने देश की अस्थिरता से ध्यान भटकाने के लिए शरीफ इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कश्मीर रियासत के राजा रहे डा. कर्ण सिंह नवाज शरीफ की बात को ज्यादा तवज्जो न देते हुए कहते हैं कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। वो अपनी आदत से मजबूर हैं, इसलिए कश्मीर का मोह नहीं छोड़ पाते।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और बना रहेगा। पाक कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) भी भारत का हिस्सा है। विवाद पीओके को लेकर है।
शरीफ अपने देश में बने हालात और राजनीतिक मजबूरियों के चलते संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का राग अलाप रहे हैं। इसका उन्हें फल मिलने वाला नहीं है। इस मामले में भारत के सभी राज्य एकजुट हैं।
कश्मीर पर जाहिर हुई पाकिस्तान की हड़बड़ाहट
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख प्रवक्ता एवं एमएलसी रविंद्र शर्मा का कहना है कि शिमला समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान के मध्य सभी मसलों का हल संभव है। पाक प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा रखकर अपनी मजबूरियों को जगजाहिर किया है।
जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर भारत अडिग है। नेशनल पैंथर्स पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया का कहना है कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की हड़बड़ाहट एकबार फिर जगजाहिर हुई है। जम्मू कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है और हमेशा रहेगा।
इसे दुनिया की कोई भी ताकत भारत से अलग नहीं कर सकती। संयुक्त राष्ट्र में पीएम मोदी को भी अपना मत स्पष्ट करना चाहिए। कहा, अपने देश की अस्थिरता से ध्यान भटकाने का कर रहे हैं प्रयास।