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पाक के विरोध में 22 अक्टूबर को काला दिवस मनाएंगे पीओके से आए शरणार्थी

Tue, 18 Oct 2016 02:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 18 Oct 2016 02:53 PM IST
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pok refuzee to make black day on 22 oct
काला दिवस मनाने की घोषणा - फोटो : Demo Pic.
पीओके रिफ्यूजियों के संगठनों की तरफ से प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 22 अक्तूबर को काला दिवस के  रूप में मनाया जाएगा। कबाइलियों के हमले में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। साथ ही एक बार फिर सरकार के सामने अपनी मांगों को रखकर पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा।   
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 22 अक्तूबर 1947 को पाकिस्तान ने नियोजित तरीके से मुज्जफराबाद जिले में कबाइलियों के रूप हमला करके सैकड़ों हिंदुओं और सिखों को मारा था और हजारों परिवार बेघर हुए थे। इसी दिन को पीओके रिफ्यूजियों की तरफ से काला दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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एसओएस इंटरनेशनल की तरफ से जीएमसी के बाहर स्थित पार्क में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी रिफ्यूजी अपने बाजुओं पर काली पट्टियां बांध कर अपना रोष प्रकट करेंगे। इसके साथ ही मारे गए सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
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22 अक्टूबर को पाक कबाइलियों ने किया था हमला

pok refuzee to make black day on 22 oct
पाकिस्तानी झंडा - फोटो : pti

इसके अलावा एमजेआर 47, पीओके डीपी फ्रंट व अन्य संगठनों की तरफ से भी कार्यक्रम का आयोजन करके सरकार के सामने अपनी मांगों को रखेगी। एसओएस इंटरनेशनल के चेयरमैन राजीव चुन्नी ने कहा कि 22 अक्तूबर 1947 को पाकिस्तान ने नियोजित तरीके से हमला करवाया था।

इस हमले में सैकड़ों हिंदू और सिख परिवारों ने हमलावरों का डटकर सामना किया था। हमले में सैकड़ों परिवार मौत के घाट उतार दिए गए थे। हजारों परिवार बेघर हो गए और मुजफ्फराबाद को छोड़ कर राज्य सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चले गए। सात दशक से यह परिवार परेशानियों से जूझते हुए जीवन जीने को मजबूर हैं। 

मांगें पूरी करने के लिए उठाएंगे आवाज

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मांगें पूरी करने के लिए उठाएंगे आवाज - फोटो : अमर उजाला

रिफ्यूजी सरकार के सामने 31,619 परिवारों को पुनर्वास पैकेज की राशि जल्द जारी करने, 1947 के हमले में मारे गए 40 हजार शहीदों की याद में एक मेमोरियल बनाने, बाहरी राज्यों में रहने वाले 5300 परिवारों के सदस्यों के स्टेट सब्जेक्ट बनाने की मांगों को उठाते रहे हैं । 

इसके अलावा ये लोग 9600 परिवारों की रजिस्ट्रेशन करवाने की मांगों को भी प्रमुखता से उठाते रहे हैं। अब उनकी मांग है कि सरकार उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करे।

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