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प्रधानमंत्री की रैली के एक माह बाद ही पंचायत में पड़ गई फूट
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बाड़ी ब्राह्मणा। पंचायत पल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली हुए एक माह से अधिक का समय ही बीता है, और पंचायत के नुमाइंदों के बीच तकरार उत्पन्न होना शुरू हो गई है। इसका कारण फंड में आए 23 लाख रुपये के कैपेक्स बजट के तहत पंचों में बराबर पैसा नहीं बांटा गया है। जो भी काम पंचों द्वारा वार्ड के विकास के लिए लिखाए गए, उनका संज्ञान नहीं लिया गया है।
कुल 16 लाख रुपये का काम एक नाले में ही डाल दिया गया है। इसको लेकर पंचों ने इसका कड़ा विरोध किया है। उसी के तहत आठ पंच शनिवार को खंड विकास अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। उन्हें लिखित में अर्जी दी कि कैपेक्स बजट के तहत जो भी काम सरपंच की तरफ से रखे गए हैं, उनको निरस्त किया जाए। सारा बजट पंचायत के नुमाइंदों में बराबर बांटा जाए, ताकि वह अपने वार्ड में विकास करा सकें। इस मौके पर सरपंचों ने खंड विकास अधिकारी से गुहार लगाई कि उन्हें बगैर पूछे पंचायत में कामों को अंजाम दिया जा रहा है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री की रैली के बाद बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, कि पंचायत पल्ली हर सुविधा से लैस हो गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है। पंचायत में ऐसी कई गलियां हैं, जिनकी स्थिति बदतर है, कई ऐसे काम हैं जिनकी ओर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि केंद्र से आए अधिकारी ने बताया कि पंचायत में पूरे देश से लोग देखने के लिए आएंगे। पंचायत पल्ली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हाईलाइट हो चुकी है, लेकिन जिस तरह से पंचायत में तानाशाही चल रही है, उस हिसाब से पंचायत का विकास नहीं हो सकता। इसलिए प्रशासन और सरकार को इसके ऊपर तवज्जो देने की जरूरत है।
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पंचायत में किसी तरह का भी तानाशाह रवैया नहीं चलने दिया जाएगा। पंचायत के विकास कार्यों के लिए हर पंच की जवाबदेही है, वह अपने अधिकार के लिए किसी हद तक भी जा सकता है। इसलिए 23 लाख रुपये के जो भी काम रखे गए हैं उनको निरस्त किया जाए
-बनारसी दास, नायब सरपंच, पंचायत पल्ली
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जो भी पंचायत के विकास कार्य कैपेक्स बजट के तहत रखे गए हैं। वह पंचों के साथ बैठक के बाद रखे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के 3-4 दिन पहले कुछ कार्यों में बदलाव आया था, वह रख दिए गए। जिनका होना बहुत जरूरी था।
-रणधीर शर्मा, सरपंच, पंचायत पल्ली
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लिखित में अभी तक कोई अर्जी नहीं पहुंची है। वैसे भी मंगलवार को कार्यालय में छुट्टी थी। मौखिक तौर पर शनिवार को पंच उनके पास आए थे, और विकास कार्यों में हेराफेरी को लेकर बात रखी थी। जल्द ही पूरी पंचायत के साथ एक बैठक की जाएगी, जो भी उसमें गलत होगा उसको ठीक किया जाएगा।
-कपिल देओल, खंड विकास अधिकारी, बाड़ी ब्राह्मणा
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कुल 16 लाख रुपये का काम एक नाले में ही डाल दिया गया है। इसको लेकर पंचों ने इसका कड़ा विरोध किया है। उसी के तहत आठ पंच शनिवार को खंड विकास अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। उन्हें लिखित में अर्जी दी कि कैपेक्स बजट के तहत जो भी काम सरपंच की तरफ से रखे गए हैं, उनको निरस्त किया जाए। सारा बजट पंचायत के नुमाइंदों में बराबर बांटा जाए, ताकि वह अपने वार्ड में विकास करा सकें। इस मौके पर सरपंचों ने खंड विकास अधिकारी से गुहार लगाई कि उन्हें बगैर पूछे पंचायत में कामों को अंजाम दिया जा रहा है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री की रैली के बाद बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, कि पंचायत पल्ली हर सुविधा से लैस हो गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है। पंचायत में ऐसी कई गलियां हैं, जिनकी स्थिति बदतर है, कई ऐसे काम हैं जिनकी ओर ध्यान देने की जरूरत है।
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उन्होंने बताया कि केंद्र से आए अधिकारी ने बताया कि पंचायत में पूरे देश से लोग देखने के लिए आएंगे। पंचायत पल्ली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हाईलाइट हो चुकी है, लेकिन जिस तरह से पंचायत में तानाशाही चल रही है, उस हिसाब से पंचायत का विकास नहीं हो सकता। इसलिए प्रशासन और सरकार को इसके ऊपर तवज्जो देने की जरूरत है।
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पंचायत में किसी तरह का भी तानाशाह रवैया नहीं चलने दिया जाएगा। पंचायत के विकास कार्यों के लिए हर पंच की जवाबदेही है, वह अपने अधिकार के लिए किसी हद तक भी जा सकता है। इसलिए 23 लाख रुपये के जो भी काम रखे गए हैं उनको निरस्त किया जाए
-बनारसी दास, नायब सरपंच, पंचायत पल्ली
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जो भी पंचायत के विकास कार्य कैपेक्स बजट के तहत रखे गए हैं। वह पंचों के साथ बैठक के बाद रखे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के 3-4 दिन पहले कुछ कार्यों में बदलाव आया था, वह रख दिए गए। जिनका होना बहुत जरूरी था।
-रणधीर शर्मा, सरपंच, पंचायत पल्ली
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लिखित में अभी तक कोई अर्जी नहीं पहुंची है। वैसे भी मंगलवार को कार्यालय में छुट्टी थी। मौखिक तौर पर शनिवार को पंच उनके पास आए थे, और विकास कार्यों में हेराफेरी को लेकर बात रखी थी। जल्द ही पूरी पंचायत के साथ एक बैठक की जाएगी, जो भी उसमें गलत होगा उसको ठीक किया जाएगा।
-कपिल देओल, खंड विकास अधिकारी, बाड़ी ब्राह्मणा