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परिसीमन आयोग की रिपोर्ट भेदभावपूर्ण

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सांबा। जाट सभा के प्रधान और पूर्व मंत्री मनजीत सिंह ने रविवार को कमेटी के सदस्यों को सौंपे गए परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को भेदभावपूर्ण बताया। जिसने राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में जाट समुदाय की अनदेखी की है।
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एक बयान में उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जम्मू, सांबा और कठुआ के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले जाट समुदाय, शरणार्थियों, विस्थापित व्यक्तियों के साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग ने सीमावर्ती ग्रामीणों, विस्थापित जाट समुदाय के साथ भेदभाव किया है, जिनकी बड़ी आबादी कठुआ के सीमावर्ती गांवों से लेकर अखनूर तक के गांवों में फैली हुई है। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय कठुआ से अखनूर तक सीमावर्ती क्षेत्र के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व की उम्मीद कर रहा था। हालांकि हमारी उचित मांगों को राजनीतिक रूप से प्रेरित मसौदा रिपोर्ट द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था। ताकि एक राजनीतिक दल की महत्वाकांक्षा को पूरा किया जा सके जो जम्मू-कश्मीर में चुनाव होने पर लोगों से हार से डरता है। क्योंकि वे जमीनी स्तर पर विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सीमावर्ती गांवों में वर्चस्व वाले जाट समुदाय की उपेक्षा के लिए आयोग की मसौदा रिपोर्ट का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय में विश्वास जगाने और राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने की जरूरत है। उन्होंने डीपी को पैकेज की एक और किस्त से इनकार करने पर भी चिंता व्यक्त की, जिसका वादा तत्कालीन भारत सरकार द्वारा 25 लाख रुपये तक किया गया था।
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सरकार ने प्रत्येक डीपी परिवार को 5.5 लाख रुपये की राशि वितरित करने के बाद पैकेज को रोक दिया है। डीपी बाकी पैकेज की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन उन्हें इससे इनकार कर दिया गया था।उन्होंने कहा कि सरकार को उन डीपी के हित में अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए जिन्होंने पाकिस्तान से क्रॉस फायरिंग का सामना किया है और सीमावर्ती गांवों में रहते हैं।
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तहसील राजपुरा को रामगढ़ से जोड़ने पर होगा आंदोलन
घगवाल। राजपुरा तहसील को रामगढ़ के साथ जोड़कर अलग निर्वाचन क्षेत्र बनाने की अटकलों को घगवाल वासियों ने गंभीरता से लिया है। चेतावनी दी है कि यदि राजपुरा को रामगढ़ के साथ जोड़ा गया तो इसके विरोध में बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।

सामाजिक कार्यकर्ता रामपाल ने बैठक में कहा कि घगवाल पहले कठुआ का हिस्सा था। उसके बाद जब सांबा जिला बना तो उसे सांबा के साथ जोड़ दिया गया। अब परिसीमन की रिपोर्ट के अनुसार 6 नए निर्वाचन क्षेत्र बनाए गए, जिनमें एक रामगढ़ भी है। रामगढ़ के साथ घगवाल की राजपुरा तहसील को जोड़ा जा रहा। जो स्थानीय लोगों को नागवार गुजर रहा है। इसको लेकर एक बैठक रविवार को घगवाल में की गई। उन्होंने कहा कि घगवाल की आबादी करीब एक लाख है। इसका करीब 40 हजार से अधिक वोटर है। जो रामगढ़ के साथ जाने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग ने घगवाल के लोगों को विश्वास में लिए बिना ही राजपुरा को रामगढ़ के साथ जोड़ने का जो खेल खेला है। उसे घगवाल के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी छेड़ेंगे। बैठक में मोहन सिंह, अशोक सिंह, केएन शर्मा व अन्य शामिल रहे।
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