फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   PM modi has a chance to resolve the kashmir problem: dulat

मोदी के पास है कश्मीर समस्या को हल करने का मौका: दुलत

Sun, 05 Jul 2015 11:15 AM IST
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:15 AM IST
विज्ञापन
PM modi has a chance to resolve the kashmir problem: dulat

देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व प्रमुख एएस दुलत की किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले जनादेश और अवसरों का विस्तार से जिक्र करते हुए इस पर पूरा एक अध्याय है।

विज्ञापन


दुलत का स्पष्ट मानना है कि मोदी के पास जम्मू-कश्मीर को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह से अधिक आजादी और अवसर हैं।

हालांकि, उनका यह भी कहना है कि पंडित नेहरू के बाद वाजपेयी इस देश के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री रहे। वाजपेयी नेहरूवाद के पक्षधर थे और पीएम मोदी की नीतियां वाजपेयी की नीतियों से काफी अलग है।
विज्ञापन

वाजपेयी का कार्यकाल सबसे कठ‌िन था

PM modi has a chance to resolve the kashmir problem: dulat

अमर उजाला से खास बातचीत में दुलत ने कहा कि मनमोहन सिंह कश्मीर के मुद्दे पर बहुत कुछ करना चाहते थे, लेकिन, कांग्रेस के अंदर और सरकार में सहयोगियों का समर्थन न मिलने के कारण वह बहुत कुछ नहीं कर पाए।

मनमोहन सिंह शुरू में तो ठीक तरीके से आगे बढ़े लेकिन बाद में रास्ता भटक गए। वहीं, गठबंधन सरकार होने के बावजूद वाजपेयी काफी आगे बढ़े। तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी धड़े हुर्रियत से बातचीत के लिए उन्हें जम्मू-कश्मीर भेजा और सरकार ने भी दो बार हुर्रियत से बात की।

पाकिस्तान से रिश्तों के मामले में भी वाजपेयी दो कठिन चुनौतियों से गुजरे। पहला कारगिल संघर्ष और दूसरा संसद पर हमला। इसके बावजूद वह पूरे कार्यकाल में लगातार पाकिस्तान को लेकर संवेदनशील रहे और अंत तक कोशिश जारी रखी।

दक्षेस शिखर सम्मेलन में भी इस्लामाबाद गए। उन्होंने काफी हद तक देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीतियों का अनुसरण किया।

मोदी की कश्मीर में चल रही नीत‌ि ठीक नहीं

PM modi has a chance to resolve the kashmir problem: dulat

दुलत कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कश्मीर में स्टेट्स-को की नीति पर चल रहे हैं। वहां पाकिस्तान कौन कहे, इराक के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के झंडे लहराए जा रहे हैं।

दुलत के अनुसार कश्मीर समस्या का समाधान स्टेट्स-को की रणनीति से नहीं किया जा सकता। कश्मीर में स्टेट्स-को नहीं चलता। इसी तरह से भारत पाकिस्तान को दरकिनार करके दक्षेस देशों का नेतृत्व भी नहीं कर सकता।

क्योंकि दक्षेस में जहां भारत पहले नंबर का देश है तो पाकिस्तान दूसरे नंबर का। इतना ही नहीं दोनों देश के बीच द्विपक्षीय वार्ता और सहमति ही किसी समस्या का अंतिम उपाय है।

विज्ञापन

सीएमजी या पंजाब में एक गिल होता तो कंधार नहीं जा पाता विमान

PM modi has a chance to resolve the kashmir problem: dulat

दुलत ने इंडियन एयर लाइंस के विमान अपहरण पर मचे घमासान में फिर माना, तकनीकी रूप से गलती हुई थी। भारत ने एक मौका गंवाया था। उनका कहना है कि उस वक्त हिम्मत और तरकीब दोनों की जरूरत थी।

लेकिन दुर्भाग्य से पंजाब पुलिस में या केंद्र सरकार के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप में कोई केपीएस गिल (पंजाब के पूर्व डीजी) जैसा व्यक्ति नहीं था। उनका मानना है कि गिल जैसा कोई होता तो विमान अमृतसर से आगे नहीं बढ़ पाता।

उन्होंने कहा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से विमान को छुड़ाने के लिए 105 आतंकियों को छोड़ने की सौदेबाजी 35, 15 और अंत में तीन पर आकर खत्म हुई। इसकी भारत को कीमत चुकानी पड़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed