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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश से सेना की चरणबद्ध तरीके से वापसी स्थगित, सीमा पार की स्थिति को देखते हुए उठाया कदम

Thu, 18 May 2023 02:17 AM IST
विमल शर्मा एजेंसी, श्रीनगर
एजेंसी, श्रीनगर Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 18 May 2023 02:17 AM IST
सार

गौरतलब है कि सेना को भीतरी इलाकों से वापस बुलाने के प्रस्ताव पर कुछ समय से चर्चा चल रही थी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में एकीकृत मुख्यालय (यूएचक्यू) में अंतिम सिफारिश की जानी थी।

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Phased withdrawal army from Jammu Kashmir postponed, steps taken cross border situation
जम्मू कश्मीर में तैनात सेना की जवान - फोटो : एजेंसी

विस्तार

जम्मू के कुछ क्षेत्रों से सेना की चरणबद्ध तरीके से वापसी की योजना को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है, क्योंकि सीमा पार से आतंकी हमले हो रहे हैं। इस बारे में जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने जानकारी दी है।

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उनका कहना है कि सरकार ने जम्मू क्षेत्र में सेना के आतंकवाद रोधी बल राष्ट्रीय राइफल्स को कम करने और जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों को सुरक्षा सौंपने की योजना बनाई थी।
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सेना के पास जम्मू क्षेत्र में तीन आतंकवाद विरोधी बल (सीआईएफ) डेल्टा फ़ोर्स (जो डोडा क्षेत्र की देखभाल करती है), रोमियो फोर्स (राजोरी और पुंछ क्षेत्रों की देखभाल करती है) और यूनिफॉर्म फोर्स (उधमपुर और बनिहाल क्षेत्रों की देखभाल करती है) हैं।
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अधिकारियों ने कहा कि सेना की कुछ इकाइयों ने धीरे-धीरे पीर पंजाल (जम्मू क्षेत्र) के दक्षिण में स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक इकाइयों को सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रबंधन सौंपने की योजना बनाई थी।

हालांकि, स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से इस वर्ष आतंकवादियों द्वारा की गई हत्याओं को देखते हुए प्रस्ताव को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। जम्मू क्षेत्र के इलाकों में आतंकवादियों द्वारा 17 लोगों की हत्याएं की गई हैं। इनमें 10 सैन्यकर्मी शामिल हैं।

इस साल एक जनवरी को राजोरी के ढांगरी गांव में सात नागरिकों की मौत हो गई थी। आतंकवादी गोलीबारी में पांच नागरिक मारे गए थे, जबकि दो नाबालिगों की जान चली गई थी। 20 अप्रैल को पुंछ जिले की मेंढर तहसील के भाटादूड़िया में आतंकवादियों ने सेना के वाहन पर हमला किया था।

इसमें सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। सेना के जवान रमजान के दौरान पास के एक गांव में इफ्तार'' सामग्री वितरित करने जा रहे थे। 5 मई को राजौरी के कंडी जंगल में आतंकवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में पांच पैरा कमांडो शहीद हो गए, जबकि एक मेजर रैंक के अधिकारी घायल हो गए।

गौरतलब है कि सेना को भीतरी इलाकों से वापस बुलाने के प्रस्ताव पर कुछ समय से चर्चा चल रही थी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में एकीकृत मुख्यालय (यूएचक्यू) में अंतिम सिफारिश की जानी थी।


यूएचक्यू में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष प्रतिनिधि हैं। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद कानून, व्यवस्था और आतंकवाद से संबंधित घटनाओं में पत्थरबाजी की घटनाओं की संख्या शून्य हो जाने के साथ गिरावट देखी गई थी। 

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