फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   pdp says talks in kashmir without hurriyat is useless

कश्मीर में अमन के लिए हुर्रियत के बिना वार्ता का कोई मतलब नहीं: PDP

Thu, 11 May 2017 02:49 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी Updated Thu, 11 May 2017 02:49 PM IST
विज्ञापन
pdp says talks in kashmir without hurriyat is useless
पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा के अलगाववादियों से बातचीत की संभावना को खारिज किए जाने के बयान के बाद अब पीडीपी ने भाजपा को एजेंडा आफ एलायंस की वचनबद्धता की याद दिलाई है। पीडीपी उपाध्यक्ष सरताज मदनी ने कहा है कि कश्मीर में अमन के लिए हुर्रियत के बिना किसी वार्ता का कोई मतलब नहीं होगा।

विज्ञापन


मदनी ने कहा कि एजेंडा आफ एलायंस में सिर्फ हुर्रियत से ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान से भी बातचीत की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने 2002 से 2005 तक की अवधि में हुर्रियत और पाकिस्तान से बातचीत कर कश्मीर में अमन के लिए सार्थक प्रयास किया था। इस अवधि के दौरान विकास और राजनीतिक स्थिरता और शांति भी रही।
विज्ञापन


भारत और पाकिस्तान के संबंधों में भी सुधार आया। यही पृष्ठभूमि पीडीपी और भाजपा के गठबंधन का आधार बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने व्यापक जनादेश के बूते कश्मीर समस्या के समाधान में सफल होंगे और इसके लिए वाजपेयी की नीतियों का अनुसरण करेंगे। मदनी ने भाजपा के स्थानीय और राष्ट्रीय नेताओं के हुर्रियत और पाकिस्तान से वार्ता न करने के बयानों पर भी निराशा जताई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

टकराव के वातावरण से रियासत को होता है नुकसान

pdp says talks in kashmir without hurriyat is useless
पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo

मदनी ने कहा है कि मुख्य राजनीतिक मुद्दों में सुलह और समझने के रास्तों को बंद करने का विचार शांति प्रक्रिया में बाधा डालता है और जनहित में नहीं है। पीडीपी और भाजपा में एजेंडा आफ एलायंस को मदनी ने आशा का एजेंडा बताते हुए कहा कि इसमें अलगाववादियों और पाकिस्तान समेत सभी तक पहुंचने का वादा भी शामिल है। 

मदनी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान के अचानक दौरे से शांति और राजनीतिक प्रक्रिया ने एक बार फिर गति पकड़ी थी, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के चलते यह सब रुक गया। मदनी ने कहा है टकराव भरे वातावरण से केवल लोगों की समस्याएं बढ़ती हैं और जम्मू कश्मीर को नुकसान होता है।

युद्ध और टकराव से किसी को लाभ नहीं होता है। उन्होंने आशा प्रकट की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारी जनमत का प्रयोग करते हुए नए सिरे से शांति की तरफ कदम बढ़ाएंगे, ताकि जम्मू कश्मीर रियासत को मौजूदा खराब दौर से बाहर निकाला जा सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed