पाक गोलीबारी ने भरा ऐसा जज्बा कि बन गया सेना का लेफ्टिनेंट
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आए दिन मोर्टार गिरने और फायरिंग होने से गांव वालों का जीना दूभर है। पिता बीएसएनएल में अधिकारी हैं। इसलिए पार्थ का परिवार जम्मू में आ बसा।
उनके बचपन का सपना शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने पर पूरा हो गया। उन्हें सेना में लेफ्टिनेंट का रैंक मिला है।
पार्थ अपने मां-बाप का एकलौता बेटा है
पिपिंग सेरिमनी के दौरान बेटे के कंधों पर लेफ्टिनेंट रैंक लगने के बाद उसने पहला सैल्यूट अपने पिता अश्वनी कुमार सैनी को किया।
अश्वनी सैनी ने बताया कि उनका गांव सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। आए दिन वहां पाकिस्तान की गोलीबारी से लोगों के घर और खेत बर्बाद हो गए। पार्थ ने बताया कि स्कूल के दौरान ही उन्होंने एनसीसी ज्वाइन कर ली।
इंटर के बाद उनका चयन एनडीए में हो गया। पार्थ ने कहा कि उनके यहां जो हालात हैं उससे एक जज्बा पैदा होता है कि देश सेवा के लिए कुछ करना है और सेना में सेवाएं देने से बेहतर कोई विकल्प नहीं लगता। मां स्वर्ण ने बताया कि इकलौते बेटा के सेना में अफसर बनने पर गर्व है।