खेतों में काट रहे थे फसल, तभी बरसाने लगे गोले
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पाकिस्तान द्वारा शुक्रवार की रात को संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के बाद शनिवार को सुबह भी गोलाबारी करने से सीमावर्ती ग्रामीणों में फिर दहशत बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी बंदूकों के शांत रहने से ग्रामीणों को बढ़ी राहत मिली है।
वर्तमान में खेतीबाड़ी का काम जोरों पर है। धान की फसल समेटने के साथ ही गेहूं की बुआई का काम चल रहा है। दहशतजदा किसान किसी भी हालत में अपने खेत खाली नहीं छोड़ना चाहते हैं। वह चाहते है कि माहौल अधिक खराब होने से पहले ही वह गेहूं की बुआई कर लें।
दरअसल, शुक्रवार को पाकिस्तान की न्यू अवाम पोस्ट से रेंजरों द्वारा भारतीय सुरक्षा बलों की स्टाप टू पोस्ट के पास तीन फायर करने के बाद से ही ग्रामीणों में डर बढ़ गया था।
भर के साये में ग्रामीण शनिवार की सुबह को भी खेतों पर गए और काम में जुट गए। पिंडी पोस्ट पर तैनात सुरक्षा बलों के जवान भी तारबंदी के पास साफ-सफाई करने पहुंचे थे।
फायरिंग के समय खेतों में चल रही था कटाई
बता दें कि तारबंदी के आसपास सुरक्षा बल कई दिनों से साफ सफाई करने में जुटे हैं। जीरो लाइन के दोनों ओर बड़े-बड़े सरकंडे उगे हुए हैं। अभी साढ़े नौ बजे थे और जवानों ने काम शुरू ही किया था कि पाकिस्तानी रेंजरों ने एक के बाद एक मोर्टार के तीन गोले दागे। इसके चलते जवानों को काम रोकना पड़ा। बाद में पाकिस्तान ने ब्रस्ट फायर भी किए। हालांकि, इस गोलाबारी में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
इधर, अचानक शुरू हुई गोलाबारी से खेतों पर काम कर रहे किसानों की जान सूख गई। आननफानन में उन्होंने झाडि़यों और पीर बाबा के स्थल के पास घने पेड़ों में खुद को छिपाया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही धान की कटाई के लिए कंबाइन मशीनें पहुंचीं थी। इन्हें रोकने के लिए भी पाकिस्तान ने कहा था, जबकि उसी दौरान उस पार मशीनों से कटाई चल रही थी।