कश्मीर घाटी में हिंसा के पीछे पाकिस्तान का हाथ: सीआरपीएफ
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कश्मीर घाटी में बढ़ रही आतंकी गतिविधियों पर सीआरपीएफ ने चिंता जताते हुए इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया है। मुठभेड़ स्थलों पर स्थानीय नागरिकों की ओर से पथराव की बढ़ रही घटनाएं भी चिंताजनक हैं।
सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सिंह ने मुठभेड़ स्थल से लोगों से दूर रहने की अपील की है। आईजी ने बताया कि पिछले कुछ समय से आतंकी हमलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं, एक तो पड़ोसी देश की ओर आतंकवाद को बढ़ावा देना और दूसरा स्थानीय युवाओं को बहकावे में लाना।
इसके चलते स्थानीय युवा भारी संख्या में युवा आतंकवाद में शामिल हो रहे हैं। पाकिस्तान लगातार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर झूठे प्रचार के माध्यम से युवाओं को गुमराह कर रहा है।
'किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्षम'
जवानों के काफी तादाद में घायल होने पर कहा कि घाटी में मौजूदा स्थिति काफी परेशान करने वाली है। जिस समय आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा ऑपरेशन चलाए जाते हैं। स्थानीय युवा मुठभेड़ स्थल के करीब पहुंचकर पत्थरबाजी शुरू कर देते हैं। यह स्थिति काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।
ऐसा कर वह अपनी जान खुद खतरे में डालते हैं, क्योंकि जब गोली चलती है तो यह पता नहीं होता कि कौन सी गोली कहा जाएगी। उन्होंने युवाओं से कानून का पालन करते हुए मुठभेड़ स्थल से दूर रहने की अपील की, ताकि किसी प्रकार का जानी नुकसान न होने पाए।
मौजूदा स्थिति को काफी चिंताजनक बताते हुए आईजी ने कहा कि हम पूरी तरह से चौकस है। साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्षम हैं। घाटी में शांति बनाने के लिए सेना, राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बनाते हुए सीआरपीएफ काम कर रही है।