{"_id":"62436ae54448a1428746c661","slug":"order-jammu-city-news-jmu256734562","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली अप्रैल से नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली अप्रैल से नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश
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जम्मू। तवी बैराज का काम जल्द शुरू करने के लिए औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। जल्द से जल्द परियोजना पर काम आरंभ किया जाएगा। यह बात सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के प्रमुख सचिव अशोक कुमार परमार ने मंगलवार को विभागीय परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में कही। साथ ही उन्होंने पहली अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से प्रताप नहर, रणबीर नहर, तवी नहर, रवि नहर और कठुआ नहर सहित सभी नहरों की रिचार्जिंग शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि वह संभागीय आयुक्त और जिला विकास आयुक्त जम्मू के साथ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के साथ मुद्दों को हल करने के लिए रणबीर नहर का दौरा करेंगे।
उज्ज बहुउद्देशीय परियोजना के संबंध में प्रमुख सचिव ने परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों को बेहतर परिणाम के लिए समन्वय से काम करने को कहा। उन्होंने संबंधितों को परियोजना के सुचारू निष्पादन में मौजूदा बाधाओं को दूर करने के लिए कड़े प्रयास करने का निर्देश दिया। इस परियोजना को पहले ही 148 टीएसी में स्वीकृत किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि शाहपुर-कंडी परियोजना एक राष्ट्रीय परियोजना है, जिसे पंजाब परियोजना प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर को 1150 क्यूसेक पानी का अपना हिस्सा मिलेगा, जो 32173 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई प्रदान करेगा।
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प्रमुख सचिव सभी हितधारकों के साथ परियोजना स्थल का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की। इससे पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण मसलों का हल हो सकेगा।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि वह संभागीय आयुक्त और जिला विकास आयुक्त जम्मू के साथ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के साथ मुद्दों को हल करने के लिए रणबीर नहर का दौरा करेंगे।
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उज्ज बहुउद्देशीय परियोजना के संबंध में प्रमुख सचिव ने परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों को बेहतर परिणाम के लिए समन्वय से काम करने को कहा। उन्होंने संबंधितों को परियोजना के सुचारू निष्पादन में मौजूदा बाधाओं को दूर करने के लिए कड़े प्रयास करने का निर्देश दिया। इस परियोजना को पहले ही 148 टीएसी में स्वीकृत किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि शाहपुर-कंडी परियोजना एक राष्ट्रीय परियोजना है, जिसे पंजाब परियोजना प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर को 1150 क्यूसेक पानी का अपना हिस्सा मिलेगा, जो 32173 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई प्रदान करेगा।
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प्रमुख सचिव सभी हितधारकों के साथ परियोजना स्थल का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की। इससे पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण मसलों का हल हो सकेगा।