फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   omar in his last speech in la

विस के अंतिम सत्र में भावुक हुए उमर, पढ़ें भाषण

Sun, 31 Aug 2014 01:28 AM IST
Updated Sun, 31 Aug 2014 01:28 AM IST
विज्ञापन
omar in his last speech in la

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मौजूदा विधानसभा के आखिरी सत्र के दौरान सियासी दलों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पाठ पढ़ाया तो कभी भावुक हो उठे। उमर ने अवाम से विधानसभा चुनाव में जरूर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आह्वान भी किया।

विज्ञापन


उन्होंने अवाम को ऐसी सियासी ताकतों से भी खबरदार किया जो मतदान के बहिष्कार की आशंका के मद्देनजर गुणाभाग कर प्रत्याशियों का चयन कर रहे हैं। उमर ने माना कि रियासत में भ्रष्टाचार सबसे बड़ी बीमारी है।
विज्ञापन


इस पर अंकुश लगाने के प्रयास किए। वगैर भेदभाव के विभिन्न इलाकों में तरक्की का जाल बिछाया गया। उनके कार्यकाल के दौरान अब तक अस्सी फीसदी आतंकी घटनाओं में कमी आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

लोकतंत्र को हार-जीत से ना तौला जाए

omar in his last speech in la

विधानसभा में अपने 45 मिनट के संबोधन के दौरान उमर ने रियासत में जोरदार तरीके से लोकतंत्र को मजबूत बनाने की वकालत करते हुए अपने पौने छह साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के अनुभवों, उपलब्धियों और खामियों को भी साझा किया।

उमर ने कहा कि सरकार का नेतृत्व और रियासत की खिदमत करने का मौका देने के लिए वह अवाम के सबसे अधिक शुक्रगुजार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव और लोकतंत्र का संस्थान मजबूत होना चाहिए।

इन संस्थानों की मजबूती को हार-जीत में न तौला जाए। चुनाव की निष्पक्षता उठाकर इस संस्थान को कमजोर न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि क्या 2004 से पहले और इसके बाद राज्य में हुए चुनावों में धांधली हुई। बिल्कुल नहीं।

सियासी दल एक दूसरे का विरोध जरूर करें, लेकिन जाति दुश्मनी पैदा न करे। इससे लोकतंत्र को नुकसान होता है।

रियासत में 2008 में शुरू हुई यह बीमारी

omar in his last speech in la

उमर ने कहा कि आज वह संतुष्ट है कि पिछली विधानसभा के आखिरी और मौजूदा विधानसभा के आखिरी सत्र में फर्क है। वह जानते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को आखिरी सत्र में किन हालात में सदन को संबोधित करना पड़ा था।

लिहाजा वह स्पीकर, डिप्टी स्पीकर के अलावा सदन के हर सदस्य के आभारी हैं। उमर ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अवाम को खबरदार रहना होगा। क्योंकि मतदान के बहिष्कार पर कुछ सियासी दलों की नजर हैं।

माहौल बिगाड़ने की भी कोशिशें होंगी। उमर ने कहा कि चुनाव और सियासी असूलों की बुनियाद पर होनी चाहिए। चुनाव के लिए अवाम के बीच दरारें पैदा की जाती हैं। 2008 के हालात का खामियाजा आज भी हम भुगत रहे हैं। पत्थरबाजी की बीमारी भी 2008 में शुरू हुई इसे भी हमने भुगता।

मेरे बाल सफेद करने में महबूबा का किरदार

omar in his last speech in la

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनके बाल सफेद करने में सदन में नेता विपक्षी रहीं और मौजूदा सांसद महबूबा मुफ्ती का किरदार रहा। उन्होंने हमें सदन में आराम से बैठने नहीं दिया। उमर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर अवाम ने फिर मौका दिया तो हिसाब चुकता करूंगा। हालांकि इससे पूर्व गेस्ट गैलरी में सांसद महबूबा मुफ्ती भी मौजूद थीं।

आइना देखकर पता लगता है समय कैसे गुजरा
अपने पौने छह साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के हवाले से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसका पता ही नहीं चला। सिर्फ जब आइने में अपनी तस्वीर देखता तो एक मिनट में इसका अहसास होता है। जब राज्य विधानसभा में दाखिल हुआ तो जवान था, अब लगता है कि बुढ़ापे की तरफ कदम बढ़ रहे। बाल सफेद हो गए और पढ़ने के लिए चश्मा जरूरी। आइने में कोई भी काला बाल नजर नहीं आता।

अवाम लिखता है हमारा एसीआर

omar in his last speech in la

चुनाव में हार-जीत पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमारा रिपोर्ट कार्ड, वार्षिक गुप्त रिपोर्ट अथवा एसीआर जनता लिखती है।

हम खुद नहीं लिख सकते। लोगों का फैसला हमें अच्छा लगे या बुरा, उसका सम्मान करना चाहिए। क्योंकि अवाम के पास वोट ही सत्ता पक्ष अथवा विपक्ष के इम्तिहान की कुंजी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed