पाक से बातचीत की हिमायत कर रही उमर सरकार
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जम्मू कश्मीर विधान परिषद सत्र के तीसरे दिन बुधवार को जम्मू संभाग के बार्डर पर रह रहे लोगों का मसला छाया रहा। कार्यवाही के दौरान नेशनल कांफ्रेंस के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र सिंह राणा ने परिषद के चेयरमैन अमृत मल्होत्रा को पार्टी की ओर से एक प्रस्ताव पेश किया।
इसमें राज्य सरकार से केंद्र सरकार पर पाकिस्तान से फिर से बातचीत शुरू करने का दबाव डालने की अपील की गई है। प्रस्ताव में इसका भी उल्लेख है कि वर्तमान स्थिति काफी तनावपूर्ण है।
प्रस्ताव के माध्यम से कहा गया है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में खटास रहने का सीधा असर राज्य के लोगों पर पड़ता है। नेशनल कांफ्रेंस द्वारा परिषद में पेश प्रस्ताव पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस कई समेत अन्य राजनीतिक दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
बाकी राजनीतिक दलों ने किया विरोध
उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान की नापाक हरकतें नहीं रुकती, तब तक बातचीत संभव नहीं। परिषद में पीडीपी ने भी विरोध किया, लेकिन पीडीपी नेताओं का विरोध प्रस्ताव को लेकर नहीं था बल्कि इस बात को लेकर था कि परिषद में प्रस्ताव सभी की ओर से पेश किया जाना चाहिए।
पीडीपी प्रवक्ता नईम अख्तर ने अमर उजाला को बताया कि वह प्रस्ताव के खिलाफ नहीं हैं। वह चाहते हैं कि बातचीत हो और मसला हल हो सके।
अख्तर के अनुसार, सत्र के बाद सभी राजनीतिक दलों के सीनियर विधान परिषद सदस्यों से चेयरमैन अमृत मल्होत्रा ने अपने चैंबर में एक बैठक बुलाई। इसमें सबकी सहमति से यह फैसला लिया गया कि वीरवार को परिषद में चेयरमैन की ओर से प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर चर्चा होगी।