ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन न आती हो खूनखराबे की खबरः उमर अब्दुल्ला
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रियासत में कानून-व्यवस्था के दिनोंदिन खराब हो रहे हालात के लिए महबूबा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हर चीज के लिए कसूरवार ठहराने से निजाम नहीं बदलेगा।
हालांकि, यह सही है कि पाकिस्तान ने यहां बहुत कुछ किया है। अपनी सियासी रूह को जहन्नुम की आग से बचाने के लिए मुख्यमंत्री को तपस्या करनी होगी। रियासत को चलाने के तरीके में बदलाव लाना होेगा। सत्ता की खातिर अपनी राजनीतिक जमीर से सौदेबाजी न करें क्योंकि यह रियासत के हित में नहीं है।
विधानसभा में शुक्रवार को गृह विभाग के ग्रांट पर चर्चा करते हुए उमर ने कहा कि रियासत के हालात ऐसे हैं कि कोई भी दिन ऐसा नहीं है जिस दिन खूनखराबे की खबर नहीं आती हो। नौजवान और सुरक्षा बलों के जवान मर रहे हैं। शोपियां से लेकर कठुआ तक लोगों में बेबसी है।
पिछले साल के घाटी के हालात अब तक नहीं भूल पाए हैं। अस्थिरता का दौर है। मेरी हुकूमत में वर्ष 2010 की घटना के बाद हालात कुछ हद तक संभाला तो उस समय महबूबा मुफ्ती कहती थीं कि यह आर्टिफिशियल शांति है। दोनों के समय के हालात में काफी फर्क है।
आज पाबंदियां हैं। पहली बार ईद के मौके पर भी कर्फ्यू लगाया गया। इलेक्ट्रानिक कर्फ्यू तो आम बात हो गई है। इंटरनेट बंद करने से क्या फायदा होता है, यह नहीं पता। बार्डर पर फायरिंग से आम नागरिक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अवाम से हुकूमत पर भरोसा रखने को कहा जाता है, लेकिन हुकूमत कुछ नहीं कर रही है। आखिर अवाम का भरोसा कैसे जगेगा।
भाजपा पर भी किए हमले
भाजपा पर हमले करते हुए उन्होंने कहा कि छह साल की कुर्सी के लिए भाजपा ने पीडीपी को कोई भी शिकायत का मौका न देने का मन बना लिया है। सरकार अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव नहीं करा पाई, लेकिन भाजपा खामोश रही। यदि और कोई सरकार होती तो पूरे देश में इसका ढिंढोरा पीटा जाता।
अमरनाथ यात्री बस पर हमला हुआ, फिर भी भाजपा ने चुप्पी साधे रखी। भ्रष्टाचार पर खामोश है। कैबिनेट में मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के एक मंत्री को बढ़ा लिया, फिर भी भाजपा ने कोई प्रतिवाद नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस कहानी का खात्मा कैसा होगा यह देखना है, लेकिन आपका (महबूबा मुफ्ती) सियासी खात्मा कोई नहीं बचा सकता।
इसलिए रियासत को चलाने के तरीके में बदलाव लाएं ताकि सियासी रूह को जहन्नुम की आग से बचा सकें।