'ओलंपिक में गोल्ड जीतने तक नहीं करुंगा शादी'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कभी गोलियों की आवाज से डरने वाले चैन सिंह को स्वयं भी नहीं पता था कि वह एक दिन अपने देश के लिए शूटिंग में कांस्य पदक जीतने का गौरव हासिल कर सकता है।
25 साल के डोडा के डेयर डेविल चैन सिंह अपने साथ-साथ अपने छोटे से गांव चैनसर का नाम भी सुनहरी अक्षरों में लिख दिया है। कोरिया के इंचियोन शहर में आयोजित एशियन खेलों में शूटिंग स्टार के रूप में उभरे जम्मू कश्मीर के चैन सिंह अपने माता-पिता के सबसे बड़े बेटे हैं।
बारहवी में पढ़ते ही 2007 में अखनूर में सेना की भर्ती में भाग लिया और 13वीं जैक लाई में भर्ती भी हो गए। सेना द्वारा कम आयु के सैनिकों के लिए निशानेबाजी की प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाती हैं।
2016 ओलंपिक तक शादी नहीं करेंगे चैन
बचपन में फौज की जिन गोलियों की आवाज से चैन सिंह डर के भाग जाते थे, उसी में उन्होंने वह कमाल कर दिखाया कि वर्ष 2008 में ही राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चैन सिंह के खाते में अब तक 21 स्वर्ण पदक, 7 रजत पदक और 7 कांस्य पदक शामिल हैं।
ओलंपिक में पदक जीतने का सपना लेकर आगे बढ़ने वाले चैन सिंह के परिवार वाले निशानेबाजी के इस खेल के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। चैन सिंह के अनुसार, मेरे माता-पिता को इस खेल के बारे में ज्यादा नहीं पता है। मैं ही उन्हें बताता हूं। उन्हें खुश देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है।
ओलंपिक में स्वर्ण पदक पाकर ही चैन को चैन आएगा। यह सपना उन्होंने अपने अंदर संजोया नहीं है, बल्कि इसी के लिए वह अब कड़ी मेहनत करेंगे। स्मार्ट और हैंडसम फौजी शूटर के लिए फिलहाल शादी कोई प्राथमिकता नहीं है। उन्हें वर्ष 2016 तक शादी नहीं करनी है। अपने सपने को पूरा करने के बाद ही चैन सिंह अपनी शादी के बारे में विचार करेंगे, जो कि पूरी तरह से उनके माता-पिता और उनकी दादी का निर्णय होगा।
चैन के दीदार को बेचैन दिखे युवा
गुलशन ग्राउंड में बुधवार को अलग ही नजारा था। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते युवाओं ने एक नायक को कंधों पर बिठा रखा था। हर कोई अपने हीरो का एक दीदार पाने को बेताब था। ये नायक थे घाटी के लाल चैन सिंह जिनके प्रतियोगिता के बाद पहली बार जम्मू आने पर गुलशन ग्राउंड में भव्य स्वागत किया गया।
भारत के लिए एशियन खेलों में कांस्य पदक बटोरने वाले जम्मू कश्मीर के लाल चैन सिंह को जम्मू कश्मीर राइफल एसोसिएशन ने सम्मानित किया। चैन सिंह ने कार्यक्रम में मौजूद जम्मू के युवा शूटरों को भी कामयाबी के गुर सिखाए। चैन सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
मेडल कोई भी ला सकता है लेकिन उसके लिए प्रैक्टिस और रेंज दो चीजों पर ध्यान केंद्रित करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने जम्मू कश्मीर में शूटिंग रेंज की कमी को उजागर करते हुए कहा, युवाओं को शूटिंग की तरफ आकर्षित करने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि आपके पास अच्छी और बढ़िया शूटिंग रेंज हों।
इससे पहले पूर्व आईजी दिलबाग सिंह ने जम्मू कश्मीर के सपूत का स्वागत किया और उन्हें और उनके परिवारजनों को इस मौके पर बधाई दी। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों सहित जम्मू के युवा शूटर भी मौजूद थे।