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नशे के धंधे में खूब इस्तेमाल हो रही है पुरानी करेंसी

Sat, 10 Dec 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 10 Dec 2016 12:02 AM IST
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old currency is being used the business of drug business
नशे के धंधे में इस्तेमाल हो रही है पुरानी करेंसी - फोटो : डेमो फोटो
पुराने नोट बंद होने का नशा तस्करों पर कोई खास असर नहीं पड़ा। उल्टा तस्करों के लिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है। नशे की खेप बेचने के लिए दुगने दाम वसूले जा रहे हैं। इस लालच में वह दबोचे जा रहे हैं। सोमवार को जम्मू की गंग्याल पुलिस ने दस लाख रुपये की पुरानी करंसी के साथ नशा तस्कर को दबोच लिया। 
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कश्मीर के बड़गाम जिले का रहने वाला गुलजार अहमद कुछ दिन पहले कश्मीर से सेब से भरे ट्रक को लेकर दिल्ली के लिए निकला। ट्रक में सेब के साथ चरस भरी गई, जिसे जम्मू में बेचा जाना था। गंग्याल पुलिस को इसकी सूचना मिली, लेकिन पुलिस को चकमा देकर तस्कर जम्मू की बजाय मानसर की तरफ से होकर दिल्ली पहुंच गया। 
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दिल्ली में सेब उतारने के बाद वहां क्राकरी का सामान लेकर वापस आने लगा। जहां उसे किसी व्यक्ति ने दस लाख रुपये की पुरानी करंसी दी। यह करंसी अनंतनाग के रहने वाले शफी नाम के व्यक्ति को देने के लिए कहा गया। गुलजार दस लाख रुपये कैश लेकर वापस जम्मू आने लगा। पुलिस ने इसके बारे में लखनपुर में सूचना दी।
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तलाशी में मिले 10 लाख के पुराने नोट और चरस

old currency is being used the business of drug business
तलाशी में मिले 10 लाख के पुराने नोट - फोटो : Demp Pic.

रविवार को गुलजार अपने ट्रक के साथ लखनपुर में जैसे ही दाखिल हुआ, पुलिस को सूचित कर दिया गया। पुलिस ने सांबा के नड में नाका लगाया, लेकिन वह चकमा देकर मानसर की बजाय विजयपुर से होकर जम्मू पहुंचा। पुलिस गुलजार के मोबाइल से लगातार लोकेशन ट्रेस कर रही थी।

इसके बाद पुलिस ने इसे सिद्दड़ा इलाके में रोकना चाहा तो वह बैरल तोड़कर आगे निकलने लगा। कुछ दूरी पर जाने के बाद पुलिस ने इसे दबोच लिया। इसकी तलाशी लेने पर 10 किलो चरस और 10 लाख रुपये पुरानी करंसी 500 और एक हजार के नोट बरामद किए गए। 

ब्लैकमनी खपाने को तस्करों का सहारा

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ब्लैकमनी खपाने को तस्करों का सहारा - फोटो : Demo Pic.

आरोपी ने पुलिस को बताया है कि यह पैसे अनंतनाग के रहने वाले शफी नाम के व्यक्ति के हैं। उसने चरस दी थी और यह पैसा दिल्ली के एक व्यक्ति ने उसे देने को कहा। पैसे शफी को देने थे और नशे की खेप जम्मू में बेचनी थी। वह किसी का नाम नहीं जानता, क्योंकि सिर्फ मोबाइल से ही संपर्क में था।

आरोपी कश्मीर से सेब लेकर दिल्ली की आजादपुर मंडी में पहुंचा था। जहां से लौटते वक्त वह क्राकरी का सामान लेकर आ रहा था। सूत्रों की मानें तो कश्मीर में अब भी पुराने नोट जमकर चल रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा नशा तस्कर सक्रिय हैं।

वे इन नोटों के बदले दुगने दाम में नशा बेच रहे हैं। इस धंधे का ब्लैकमनी रखने वाले भी इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली से यह लोग तस्करों तक अपनी पुरानी करंसी पहुंचा रहे हैं। तस्करों से कहा जा रहा है कि उनकी पुरानी करंसी की जगह वह नई करंसी आधी ही जमा कराएं। तस्कर इन पैसों से अधिक नशा तस्करी का काम कर रहे हैं। 

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