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Jammu News: बांदीपोरा के किसानों की किस्मत संवारेगी तिलहन
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किसानों की किस्मत संवारेगी तिलहन
बांदीपोरा। तिलहन की फसलें बांदीपोरा के किसानों की किस्मत संवारेंगी। कृषि विज्ञान केंद्र ने क्षेत्र में तिलहन की खेती को पुनर्जीवित करने के लिए तिलहन मॉडल ग्राम परियोजना फिर से शुरू की है। इसका उद्देश्य किसानों के बीच तिलहन की खेती बढ़ाना और उन्नत फसल किस्मों को अपनाना है।
परियोजना प्रभारी डॉ. तारिक ने बताया कि कश्मीर में तिलहन फसलों की खेती में लगातार गिरावट रोकने के लिए के विशेष रूप से बांदीपोरा में कृषि विज्ञान केंद्र ने पिछले साल तिलहन मॉडल ग्राम परियोजना शुरू की थी। अब फिर से इस योजना को और विस्तार दिया जा रहा है।
इस परियोजना में सरसों सहित तिलहन फसलों की आधुनिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। टिकाऊ कृषि के एक मॉडल के रूप में तैयार की गई इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों और तिलहन फसलों की आर्थिक क्षमता के बारे में बताना है। इस पहल के तहत, गहन प्रशिक्षण, बीज वितरण और खेतों में प्रदर्शन के लिए कुछ गांवों को चुना गया है।
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उन्होंने कहा कि वाइस चांसलर डॉ. नजीर अहमद, निदेशक विस्तार डॉ. रेहाना ने जमीनी स्तर पर किसानों के साथ सीधे काम करते हुए इस पहल की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं किसानों का कहना है कि उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है, और उन्हें अब बाहर से तेल खरीदने की जरूरत नहीं है। वे बांदीपोरा के सभी किसानों को केवीके बांदीपोरा जाकर अपने लिए तिलहन खरीदने की सलाह भी देते हैं।
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परियोजना प्रभारी डॉ. तारिक ने बताया कि कश्मीर में तिलहन फसलों की खेती में लगातार गिरावट रोकने के लिए के विशेष रूप से बांदीपोरा में कृषि विज्ञान केंद्र ने पिछले साल तिलहन मॉडल ग्राम परियोजना शुरू की थी। अब फिर से इस योजना को और विस्तार दिया जा रहा है।
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इस परियोजना में सरसों सहित तिलहन फसलों की आधुनिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। टिकाऊ कृषि के एक मॉडल के रूप में तैयार की गई इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों और तिलहन फसलों की आर्थिक क्षमता के बारे में बताना है। इस पहल के तहत, गहन प्रशिक्षण, बीज वितरण और खेतों में प्रदर्शन के लिए कुछ गांवों को चुना गया है।
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उन्होंने कहा कि वाइस चांसलर डॉ. नजीर अहमद, निदेशक विस्तार डॉ. रेहाना ने जमीनी स्तर पर किसानों के साथ सीधे काम करते हुए इस पहल की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं किसानों का कहना है कि उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है, और उन्हें अब बाहर से तेल खरीदने की जरूरत नहीं है। वे बांदीपोरा के सभी किसानों को केवीके बांदीपोरा जाकर अपने लिए तिलहन खरीदने की सलाह भी देते हैं।