कश्मीर हिंसा के कारण घाटी में विमान कंपनियों को हुआ जबरदस्त नुकसान
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय व पर्यटन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल सितंबर महीने में जम्मू और कश्मीर में आने वाले यात्रियों की संख्या पांच लाख 32 हजार के करीब थी, जो इस वर्ष सितंबर में दो लाख 26 हजार ही रही। विदेश जाने वाली उड़ान से भी यात्रियों की आवाजाही कम रही। कश्मीर में पिछले तीन माह सेे लगातार हिंसा और बंद के कारण यात्रा का प्रवाह काफी कम हुआ है।
1 लाख लोग भी नहीं पहुंचे कश्मीर
पिछले साल सितंबर माह में 3 लाख 32 हजार लोग हवाई सफर करके कश्मीर पहुंचे। इस साल सितंबर में एक लाख का आंकड़ा भी पार नहीं हो पाया। कश्मीर से रोजाना कुल 33 उड़ानों की आवाजाही होती है। पिछले साल ही गो एयर ने शाम के समय अतिरिक्त फ्लाइट शुरू की। इस साल विमानन कंपनियों को कश्मीर से अनुकूल रुझान नहीं मिल पाया है।
हालांकि जम्मू पर खास प्रभाव नहीं पड़ा है। यात्रियों के पहुंचने की संख्या के ग्राफ में जम्मू में भी मामूली कमी पाई है। पर्यटन विभाग और एयरपोर्ट अथारिटी की रिपोर्ट के अनुसार विदेशों से भी लोग कश्मीर में सीधी फ्लाइट से पहुंचते थे।
कई स्थानीय लोग विदेशों में व्यापार व नौकरी के सिलसिले में गए हैं। इन लोगों ने भी कश्मीर का रुख नहीं किया है। इस कारण हवाई कंपनियों को नुकसान सहना पड़ रहा है।