लेह: लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने LAC से लगे अग्रिम इलाकों का दौरा किया, नए हथियारों और उपकरणों की समीक्षा की
उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में एलएसी से लगे अग्रिम इलाकों का दौरा किया। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी वर्तमान में सैनिकों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा के लिए लद्दाख के चार दिवसीय दौरे पर हैं।
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उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर रक्षा तैयारियां जांचीं। लद्दाख के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे द्विवेदी ने वीरवार को अग्रिम इलाके लुकुंग में तैनात जांबाजों का हौसला बढ़ाया और रक्षा तैयारियों में हाल ही में शामिल किए गए नए उपकरणों और हथियारों का भी जायजा लिया। शुक्रवार को सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि सेना कमांडर ने ऑपरेशनल तैयारियों को परखते हुए सतर्कता और किसी भी चुनौती से निपटने की उच्च स्तरीय तैयारी पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षा हालात की समीक्षा करते हुए सैन्य अधिकारियों से जानकारी भी हासिल की।
परमवीर के साथ रहे पोर्टर को सम्मानित किया
लेह/जम्मू। उत्तरी कमान प्रमुख ने चीन युद्ध में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पोर्टर सेतन नामग्याल को शुक्रवार सम्मानित किया। नामग्याल चीन युद्ध में अदम्य साहस की नजीर बने परमवीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा के साथ ऑपरेशन में शामिल थे। 84 वर्षीय सेतन नामग्याल की उत्कृष्ट सेवाओं का उल्लेख करते हुए सेना कमांडर ने लद्दाख दौरे के दूसरे दिन उन्हें विशेष सम्मान दिया। ब्यूरो
स्वदेशी लड़ाकू वाहन सेना में शामिल
सैन्य बीड़ा में भारत निर्मित इंफेंट्री लड़ाकू वाहन को शामिल किया गया है। उत्तरी कमान प्रमुख ने इन वाहनों का परीक्षण किया। बताया कि कोई भी व्यक्ति इस लड़ाकू वाहन को आसानी से चला सकता है। चालक इससे 1800 मीटर दूर तक देख सकता है। इस पर लगे हथियारों को वाहन के अंदर से नियंत्रित किया जा सकता है।
मेड इन इंडिया इन्फैंट्री लड़ाकू वाहन भारतीय सेना में शामिल
उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति इस लड़ाकू वाहन को आसानी से चला सकता है। चालक इससे 1800 मीटर दूर तक देख सकता है। इस पर लगे हथियारों को वाहन के अंदर से नियंत्रित किया जा सकता है।
वहीं, उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 84 वर्षीय स्थानीय पोर्टर त्सेतन नामग्याल को सम्मानित किया। पोर्टर त्सेतन नामग्याल को 1962 के ऑपरेशन के दौरान पीवीसी लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा के साथ सेवाएं देने के लिए यह सम्मान दिया गया।