{"_id":"575ad82c4f1c1b520a9c5875","slug":"no-ration-card-on-the-name-of-rashid","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रशीद के नाम कोई राशन कार्ड नहीं : सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रशीद के नाम कोई राशन कार्ड नहीं : सरकार
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 10 Jun 2016 08:39 PM IST
विज्ञापन
इंजीनियर रशीद
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार द्वारा छंब विधानसभा क्षेत्र के तीन अधिकारियों को निलंबित करने के बाद सदन में यह जानकारी दी गई कि विधायक इंजीनियर रशीद के नाम पर कोई भी राशन कार्ड नहीं है।
इससे पहले वीरवार को उत्तरी कश्मीर के लंगेट से विधायक रशीद ने बीपीएल पर उठे मुद्दे के दौरान सदन में कहा था कि उनका नाम भी बीपीएल लाभार्थियों की सूची में दर्ज है और इसकी जानकारी उन्होंने जिला उपायुक्त कुपवाड़ा को भी दी है।
राजस्व मंत्री बशारत बुखारी ने शुक्रवार को सदन में जानकारी देते हुए कहा कि हमने पहले ही संबंधित जिला उपायुक्त को मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं। वीरवार को संबंधित तहसीलदार सहित तीन अधिकारियों को निलंबित किया है। संबंधित जिला उपायुक्त को निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
विज्ञापन
बुखारी ने यह भी कहा कि हमने रशीद के मामले पर भी जांच की। इसमेें यह बात सामने आई है कि विधायक रशीद के नाम पर उनके विधानसभा क्षेत्र में कोई राशन कार्ड दर्ज नहीं है। सरकार के इस बयान ने सदन में बैठे विधायकों और वहां उपस्थित अन्य को चौंका दिया।
विज्ञापन
इससे पहले वीरवार को उत्तरी कश्मीर के लंगेट से विधायक रशीद ने बीपीएल पर उठे मुद्दे के दौरान सदन में कहा था कि उनका नाम भी बीपीएल लाभार्थियों की सूची में दर्ज है और इसकी जानकारी उन्होंने जिला उपायुक्त कुपवाड़ा को भी दी है।
विज्ञापन
राजस्व मंत्री बशारत बुखारी ने शुक्रवार को सदन में जानकारी देते हुए कहा कि हमने पहले ही संबंधित जिला उपायुक्त को मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं। वीरवार को संबंधित तहसीलदार सहित तीन अधिकारियों को निलंबित किया है। संबंधित जिला उपायुक्त को निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
विज्ञापन
बुखारी ने यह भी कहा कि हमने रशीद के मामले पर भी जांच की। इसमेें यह बात सामने आई है कि विधायक रशीद के नाम पर उनके विधानसभा क्षेत्र में कोई राशन कार्ड दर्ज नहीं है। सरकार के इस बयान ने सदन में बैठे विधायकों और वहां उपस्थित अन्य को चौंका दिया।
‘झूठ से सदन को गुमराह करने की कोशिश’
जम्मू-कश्मीर विधानसभा
- फोटो : Amar Ujala
बुखारी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि इंजीनियर रशीद के पिता के नाम पर एक राशन कार्ड था उस श्रेणी में और परिवार का सदस्य होने के नाते विधायक का नाम भी उस पर दर्ज था। इसलिए तुरंत उस राशन कार्ड को उस श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।
इस दौरान सोनावारी से नेकां विधायक और पूर्व स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन खड़े हो गए और उन्होंने सरकार से इंजीनियर रशीद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
लोन ने कहा कि कि जो सरकार की ओर से जवाब आया है, उससे लगता है कि या तो मंत्री झूठ बोल रहे हैं या फिर रशीद ने झूठ बोला है। इसलिए जिसने भी सदन में झूठ बोलकर गुमराह करने की कोशिश की है, उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के तहत कार्रवाई की जाए।
मामले की जांच होनी चाहिए
अकबर लोन की तरफ से रखी गई मांग का हंडवाड़ा से विधायक और मंत्री सज्जाद गनी लोन समेत अन्य का समर्थन मिला। लोन की बात का समर्थन करते हुए सज्जाद ने कहा कि जब मुफ्ती मुख्यमंत्री थे तो उस समय रशीद ने उनके इलाके की बीपीएल सूची में से उनके लोगों को हटाने पर विरोध जताया था।
तब एक बैठक कर मामले को सुलझाया गया था। सदन में बीपीएल सूची में अपना नाम होने की बात कर उन्होंने मसले को उछाला है। यह मजाक है। इसकी जांच होनी चाहिए। मामले पर जब हंगामा चल रहा था तो उस समय रशीद सदन में मौजूद नहीं थे।
इस दौरान सोनावारी से नेकां विधायक और पूर्व स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन खड़े हो गए और उन्होंने सरकार से इंजीनियर रशीद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
लोन ने कहा कि कि जो सरकार की ओर से जवाब आया है, उससे लगता है कि या तो मंत्री झूठ बोल रहे हैं या फिर रशीद ने झूठ बोला है। इसलिए जिसने भी सदन में झूठ बोलकर गुमराह करने की कोशिश की है, उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के तहत कार्रवाई की जाए।
मामले की जांच होनी चाहिए
अकबर लोन की तरफ से रखी गई मांग का हंडवाड़ा से विधायक और मंत्री सज्जाद गनी लोन समेत अन्य का समर्थन मिला। लोन की बात का समर्थन करते हुए सज्जाद ने कहा कि जब मुफ्ती मुख्यमंत्री थे तो उस समय रशीद ने उनके इलाके की बीपीएल सूची में से उनके लोगों को हटाने पर विरोध जताया था।
तब एक बैठक कर मामले को सुलझाया गया था। सदन में बीपीएल सूची में अपना नाम होने की बात कर उन्होंने मसले को उछाला है। यह मजाक है। इसकी जांच होनी चाहिए। मामले पर जब हंगामा चल रहा था तो उस समय रशीद सदन में मौजूद नहीं थे।