नोटबंदी: खत्म हो गई लंबी कतारें, अब एटीएमों के बाहर नहीं हो रही है लोगों की भीड़
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ज्यादातर बैंक के एटीएम में दो हजार के ही नोट निकल रहे हैं। जेके बैंक के एटीएम में पांच सौ के नए नोट हैं, लेकिन पर्याप्त नहीं। मुसीबत का सबब उन ग्रामीणों के लिए है जो दूरदराज के किसी एटीएम से दो हजार के नोट तो निकाल लेते हैं, लेकिन उसके छुट्टे के लिए उन्हें सौ या डेढ़ सौ रुपये खर्च करने का बाद ही छुट्टा मिल पा रहा है।
शुक्रवार रात कश्मीर से लौटे ग्रामीण रफीक ने बताया कि जब वह घर से निकले तो उनकेे पास कुछ छुट्टे पैसे थे और दो हजार का एक नोट। जम्मूू बस स्टैंड उतरने के बाद उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी, लेकिन उन्हें छुट्टे पैसे के लिए डेढ़ सौ का सामान खरीदना पड़ा।
वहीं दूसरी तरफ शहर के बाहु प्लाजा स्थित एटीएम भी वीरान पड़े रहे। कुछ तो काम कर रहे थे, जिनमें दो हजार के नोट थे और कुछ तो आउट आफ सर्विस थे। शास्त्री नगर स्थित एटीएम भी वीरान दिखे। संजय नगर चौक के एसबीआई एटीएम में दो हजार के ही नोट निकल रहे थे। एचडीएफसी का एटीएम बंद था।
माह के आखिरी सप्ताह में बैंकों में लेनदेन न होने से पैसे के लिए एटीएम ही सहारा रहे। शहर और आसपास के इलाकों के कुछ एटीएम पर लोगों की कतारें भी दिखीं। हालांकि पिछले कुछ दिनों के मुकाबले भीड़ थोड़ी कम रही। इसका बड़ा कारण एटीएम से एक सीमित राशि का निकलना भी था। इस दौरान कई जगह कैश खत्म होने से एटीएम पर शटर डाउन रहे।
नोटबंदी की प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में लोग शनिवार को बैंकों तक पहुंचे, लेकिन माह के आखिरी शनिवार को सभी बैंकों के बंद रहने से लोगों को निराश होना पड़ा। पुरानी मंडी के एटीएम पर पहुंचे राजेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें कतारों में खड़े रहने पर थोड़ा इंतजार करना पड़ा। प्रमुख एटीएम पर लोगों की भीड़ रही, जबकि भीतरी क्षेत्रों में स्थापित एटीएम पर अधिक भीड़ नहीं थी। रविवार को भी बैंक बंद रहने से एटीएम पर ऐसी ही स्थिति रहेगी।