श्रीनगर के कई इलाकों में एनआईए का छापा, कई घंटों तक चला ऑपरेशन
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को श्रीनगर शहर के डंडेरखा, बटमालो और मांदरबाग इलाके में छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एनआईए के खोजी दल ने सीआरपीएफ और पुलिस के साथ मिलकर बुधवार सुबह डंडेरखा बटमालो में गुलाम अहमद डार, इशफाक अहमद डार और अयूब मट्टा के घर में छापा मारा।
टीम ने श्रीनगर के मांदरबाग इलाके में मुस्ताक अहमद खान के घर में भी छापेमारी की। बुधवार सुबह शुरू हुआ तलाशी अभियान कई घंटों तक चलता रहा। मालूम हो कि साल 2017 से एनआईए और प्रवर्तन निदेशालय ने घाटी में दो दर्जन से अधिक अलगाववादी नेताओं और व्यापारियों को कथित रूप से टेरर फंडिंग के मामलों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
आयकर विभाग ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के क्रास एलओसी ट्रेड से जुड़े तीन प्रमुख कारोबारियों के श्रीनगर और कुपवाड़ा स्थित ठिकानों पर छापे मारे। इन पर पिछले वर्ष पाकिस्तान के साथ निलंबित किए व्यापार में कर चोरी के आरोप हैं। टीम ने मामले से बड़ी संख्या में कर चोरी के दस्तावेज जब्त किए हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जिन व्यापारियों के यहां कार्रवाई की गई उनमें हिलाल अहमद, गुलाम रसूल मगरे और इशफाक डार शामिल हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के एक अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई अघोषित आय का पता लगाने, अघोषित संपत्ति की जब्ती और बेनामी लेनदेन के साक्ष्य जुटाने के लिए की गई। विभाग ने पाया कि कुछ मामलों में इन व्यवसायियों द्वारा कुछ मामलों में आय के बावजूद रिटर्न नहीं दाखिल किया। बुधवार को कार्रवाई के दौरान जब्त किए दस्तावेजों से बड़े पैमाने पर कर चोरी के संकेत मिल रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से एक प्रमुख कारोबारी जो अप्रैल 2019 में क्रास एलओसी ट्रेड स्थगित किए जाने तक लगातार सक्रिय था उसने अपना आयकर रिटर्न नहीं दाखिल किया है। जबकि उसके पास दो पैन कार्ड हैं।उसने पिछले कुछ वर्षो में 25 करोड़ का कारोबार किया लेकिन किसी भी आयकर का भुगतान नहीं किया। जबकि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि उसने पाकिस्तान में पढ़ाई कर रही अपनी बेटी की शिक्षा पर काफी पैसा खर्च किया।
दस करोड़ का कारोबार किया परंतु रिटर्न नहीं दाखिल किया
एक अन्य कारोबारी और उसके भाई ने पिछले दो वर्षो में तीन करोड़ का निर्यात किया परंतु रिटर्न सिर्फ एक वर्ष का ही दाखिल किया। उसका आईटीआर भी बैंक खातों के विवरण से मेल नहीं खाता। उसका पासपोर्ट बताता है कि वर्ष 2017 के बाद हर वर्ष वह 20 से 25 दिन के लिए पाकिस्तान की यात्रा पर गया परंतु उसके द्वारा दाखिल खर्च कागजों से बिल्कुल अलग हैं।
तीसरा कारोबारी समूह सीमा पार से सब्जियों और फलों के व्यापार में लगा है। उसके ठिकाने से 15 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गई है।समूह से जुड़े एक व्यक्ति ने दस करोड़ रुपये का कारोबार किया परंतु आयकर नहीं दाखिल किया। एक लॉकर भी मिला है उसे अभी खोला जाना बाकी है।
पिछले वर्ष रोक दिया गया था व्यापार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले वर्ष अप्रैल में क्रास एलओसी ट्रेड को हथियारों, नशीले पदार्थों की तस्करी और नकली मुद्रा के माध्यम से टेरर फंडिंग का मामला पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया था। यह व्यापार कश्मीर क्षेत्र में बारामुला के सलामाबाद और जम्मू क्षेत्र में पुंछ जिले के चक्कां दा बाग इलाके से होता था।