पाक को अलग-थलग करने की तैयारी, आतंक के सबूत जुटाने में जुटी एनआईए
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए पाकिस्तान के खिलाफ सबूत जुटाने में जुटी है। उड़ी और लंगेट में सैन्य प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले के साथ ही कुल चार मामलों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बहादुर अली जैसे जिंदा सबूत के बाद जांच के दौरान पाक के कनेक्शन ढूंढे जा रहे हैं ताकि उसे आतंक के मोर्चे पर घेरा जा सके।
उड़ी में इंफेंट्री ब्रिगेड मुख्यालय पर 18 सितंबर, हंदवाड़ा के लंगेट स्थित 30 राष्ट्रीय रायफल्स कैंप पर 6 अक्टूबर के साथ ही 25 जुलाई को पाकिस्तान की ओर से आतंकी घुसपैठ की हंदवाड़ा में दर्ज मुकदमे तथा 26 जुलाई को घुसपैठ की घटना की जांच एनआईए कर रही है।
26 जुलाई को हंदवाड़ा के कलामाबाद पुलिस थाने में दर्ज मुकदमे के बाद एनआईए ने जांच को अपने हाथ में लेते हुए 27 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया।
जुटाए जा रहे हैं हमलों में पाकिस्तान का हाथ होने के पुख्ता सबूत
इसके अनुसार पाकिस्तान से आतंकियों के एक दल ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की। उनका इरादा दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देना था। सूत्रों का कहना है कि उड़ी और लंगेट में मारे गए आतंकियों के डीएनए सैंपल एकत्र किए गए हैं ताकि उनके विषय में जानकारी पुख्ता की जा सके।
इसके साथ ही बरामद हथियारों तथा गोला बारूद के पाक निर्मित होने की पुष्टि के बाद घुसपैठ के रास्ते तथा पूरे मॉड्यूल का भी पता लगाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ कराए जाने और हमलों में लगातार पाकिस्तान का हाथ होने की जानकारी के बाद उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जाने की रणनीति पर काम हो रहा है। ताकि जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह मामला उठाया जा सके। साथ ही पाकिस्तान को डोजियर के रूप में पुख्ता प्रमाण सौंपे जा सकें।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अखनूर सेक्टर में पकड़े गए पाकिस्तान के सियालकोट निवासी आतंकी अब्दुल कयूम ने भी कई राज उगले हैं। उसने अपने को हाफिज का करीबी होने के साथ ही आतंकी प्रशिक्षण लेने की बात स्वीकार की है। साथ ही जम्मू में भारी तबाही मचाने की साजिश बताई। सूत्रों के अनुसार एनआईए ने इस आतंकी से भी पूछताछ की है।