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स्टेट सब्जेक्ट के लिए चक्कर पे चक्कर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 11 Apr 2015 07:37 PM IST
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जिला उपायुक्त कार्यालय में स्टेट सब्जेक्ट नहीं बनने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर सिटी में रहने वाले लोगों से स्टेट सब्जेक्ट के लिए अलग-अलग वर्षों की वोटर लिस्टें मांगी जा रही हैं। अगर किसी एक वर्ष यानी 1951 की वोटर लिस्टें उपलब्ध करवाई जा रही हैं तो 1957 की मांगी जा रही है।
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अगर यह भी उपलब्ध करवा दी जाती है तो 1944 की वोटर लिस्टें भी मांग ली जा रही है। ऐसे में लोग दफ्तर के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में उपायुक्त कार्यालय में सहायक आयुक्त (नजूल) ने शुरुआती समय में सैकड़ों फाइलों को हरी झंडी दी थी।
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इसके लिए 1951 और 1957 की वोटर लिस्टों को ही आधार बनाया गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से डीसी आफिस में स्टेट सब्जेक्ट बनना बंद हो गए हैं। अब 1944 की वोटर लिस्टें भी मांगी जा रही हैं। ऐसे में लोग खासे परेशान हैं। डीसी आफिस के सहायक आयुक्त के कार्यालय में ऐसी कई फाइलें धूल फांक रही हैं, जिन्हें हरी झंडी का इंतजार है।
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इस संबंध में एसी (नजूल) रंजीत सिंह ने बताया कि एक्ट के मुताबिक काम किया जा रहा है। रिकार्ड लेने के लिए लोग मेहनत नहीं करना चाहता है। वाजिब केसों को एक मिनट भी नहीं रोका जा रहा है।