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गर्मी में बिजली कटौती से जुड़ी अहम खबर, पढ़िए

Fri, 08 May 2015 12:18 AM IST
Updated Fri, 08 May 2015 12:18 AM IST
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news regarding electricity cut in summer

पारा चालीस के करीब पहुंचने के साथ ही बिजली और पेयजल की बढ़ी मांग को पूरा करने संबंधित विभागों के लिए मुश्किल पड़ने लगी है। मांग और उपलब्धता में पहले ही चल रहे अंतर से अघोषित कटौती बढ़ गई है और लोगों में हाहाकार मचने लगा है। आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।

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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रियासत में बिजली की मांग और उपलब्धता में पहले ही एक हजार मेगावाट से ज्यादा का अंतर चला आ रहा है। मौजूदा समय में बिजली की मांग 2600 मेगावाट के भी पार पहुंच चुकी है, जबकि उपलब्धता 1500 से 1600 मेगावाट के बीच ही है।
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इसी तरह जम्मू शहर में पेयजल की मांग बढ़कर 46 मिलियन गैलन डेली तक पहुंच चुकी है, जबकि उपलब्धता 42.5 मिलियन गैलन प्रतिदिन ही है। इसके अलावा पानी की आपूर्ति का पूरा सिस्टम बिजली पर निर्भर करता है। बिजली की सप्लाई सुचारु रहे तो ही पीएचई विभाग पंपिंग के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति कर पाने में सक्षम है।
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बिजली कटौती बढ़ने से पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ने लगा है। बिना इलेक्ट्रानिक मीटर लगे इलाकों में रोजाना आठ घंटे की शेड्यूल कटौती हो रही है, जबकि इलेक्ट्रानिक मीटर लगे इलाकों में शेड्यूल कटौती का तो कोई प्रावधान नहीं रखा गया है, लेकिन जरूरत के हिसाब से दो से पांच घंटे तक कटौती हो रही है।

आने वाले दिनों में कटौती और बढ़ेगी। बिजली विभाग की ईएमएंडआरई डिवीजन जम्मू के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुनील कुमार का कहना है कि ओवरलोड बढ़ने पर जरूरत के अनुसार अघोषित कटौती करनी पड़ती है।

पुराने ढर्रे पर ही रहा बिजली ढांचा

news regarding electricity cut in summer

रियासत के तीस शहरों में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए आरएपीडीआरपी योजना के तहत तीस शहरों में काम शुरू किया गया था। श्रीनगर में तो काम शुरू ही नहीं हो पाया।

जम्मू शहर में योजना के तहत ढांचे को मजबूत करने का काम इरकान को सौंपा गया था, लेकिन यह काम भी कछुआ चाल गति से चल रहा है। फिलहाल इस सीजन में भी पिछले सालों जैसे कमजोर ढांचे पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।

वेयर हाउस में भी समस्या बढ़ी
रियासत की सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयर हाउस में भी बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल होना शुरू हो गया है। हाल ही में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने चीफ इंजीनियर से मुलाकात कर बिजली आपूर्ति में सुधार लाने का आग्रह किया था।

इसके बाद वेयर हाउस की बिजली आपूर्ति को रेलवे बिजली स्टेशन से की गई और बिजली आपूर्ति में भी सुधार आया, लेकिन यह व्यवस्था बिजली विभाग से नहीं चल पाई और अब पुराने ढर्रे पर ही वेयर हाउस को कनाल ग्रिड से बिजली दी जा रही है और अघोषित कटौती से बुरा हाल हो रहा है।

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