विधानसभा चुनाव कराने की कवायद हुई तेज
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बाढ़ के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों का रोड मैप तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी मंगलवार को दो दिवसीय जम्मू दौरे पर पहुंचे। शाम पांच बजे के करीब उन्होंने सर्किट हाउस में उच्च अधिकारियों की बैठक कर बाढ़ के बाद जम्मू संभाग की स्थिति की जानकारी ली।
जुत्शी ने जम्मू संभाग में बाढ़ से सड़कों, सरकारी ढांचों और मतदान केंद्रों को हुए नुकसान व उनकी मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मंडलायुक्त, आईजी पुलिस और आईजी सीआरपीएफ से रियासत के हालात जाने और चुनाव कराने के लिए सुरक्षा बलों की आवश्यक संख्या पर भी चर्चा की।
19 जनवरी को भंग होगी विधानसभा
मंडलायुक्त शांतमनु ने बताया कि बुधवार को चुनाव आयुक्त जम्मू संभाग के डीसी, एडीसी स्तर के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर चुनावों के लिये उपयुक्त स्थिति का जायजा लेंगे। जुत्शी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग की सबसे बड़ी चिंता राज्य में सड़क संपर्क और मतदान केंद्रों की हालत है।
87 सदस्यों वाली राज्य विधानसभा की समयावधि 19 जनवरी 2015 को समाप्त हो रही है। मतदाता सूचियों की पुनर्समीक्षा का काम भी बाढ़ के चलते काफी हद तक प्रभावित हुआ है। एक अक्तूबर को जारी होने वाली मतदाता सूची का काम भी अधर में लटका हुआ है। अब 15 अक्तूबर तक इसके जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जल्द आएंगे मुख्य चुनाव आयुक्त
करीब दो घंटे चली बैठक में मंडलायुक्त जम्मू शांतमनु, आईजी पुलिस राजेश कुमार और आईजी सीआरपीएफ राकेश शर्मा के साथ जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी उमंग नरूला, सह चुनाव अधिकारी जय कुमार शर्मा भी मौजूद रहे।
मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त जल्द ही राज्य दौरे पर आएंगे। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग राज्य विधानसभा चुनावों को तय समय पर करवाने की कोशिश में है।
उल्लेखनीय है कि बाढ़ के कारण दस सितंबर को चुनाव आयुक्त का कश्मीर दौरा टल चुका है।