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Pahalgam: पहलगाम हमले की जांच में नया मोड़, दाचीगाम में मारे गए आतंकियों के पास मिले कैमरे की एनआईए करेगी जांच
Mon, 25 May 2026 06:21 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, पहलगाम
अमर उजाला नेटवर्क, पहलगाम
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 25 May 2026 06:21 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। इस भयावह हमले में आतंकियों ने जिस अमेरिकी हाईटेक गोप्रो कैमरे का इस्तेमाल किया था, वह चीन के रास्ते लश्कर-ए-ताइबा तक पहुंचा था।
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पहलगाम में आतंकी हमला
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। इस भयावह हमले में आतंकियों ने जिस अमेरिकी हाईटेक गोप्रो कैमरे का इस्तेमाल किया था, वह चीन के रास्ते लश्कर-ए-ताइबा तक पहुंचा था। यह हाईटेक कैमरा उन आतंकियों के पास से मिला था, जिन्हें पिछले जुलाई में दाचीगाम के जंगलों में सेना के विशेष बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क का खुलासा होने पर आतंकियों को सीमा पार से मिलने वाली तकनीकी और रसद मदद की अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
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जांच एजेंसियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन अब हमलों की रिकॉर्डिंग कर उनका इस्तेमाल प्रचार और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं। कैमरे के बार में जानकारी हासिल करने के लिए एनआईए ने अमेरिकी कंपनी गोप्रो इंक से संपर्क किया था। कंपनी ने बताया, यह विशेष कैमरा चीन स्थित उसके अधिकृत वितरक को भेजा गया था। इसके बाद एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि चीन से यह उपकरण लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों तक कैसे पहुंचा। यह आशंका भी जताई जा रही है कि ऐसे उपकरण पाकिस्तान की सेना या उससे जुड़े नेटवर्क के जरिये आतंकियों तक पहुंचाए गए होंगे। भारत और चीन के बीच आपसी कानूनी सहायता संधि न होने से इस तरह की जांच राजनयिक माध्यमों से आगे बढ़ रही है। एजेंसी
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6 आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद आतंकी जंगलों के रास्ते भाग निकले थे। सुरक्षा बलों को इलाके की घेराबंदी करने में करीब 40 मिनट लगे, जिसका फायदा आतंकियों को मिला। जांच के दौरान शोपियां नंबर की एक गाड़ी को पहलगाम से बाहर जाते देखा गया, लेकिन कई सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण आगे की जानकारी नहीं मिल सकी।
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जांच में जुटी एनआईए ने लश्कर-ए-ताइबा और छह आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें तीन मारे गए आतंकवादी भी शामिल हैं। उनकी पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। एजेंसी ने आतंकी संगठन के स्वयंभू कमांडर साजिद जट्ट उर्फ साजिद जुट्ट के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
आतंकियों को खाना और पनाह देने वाले जोथट व अहमद के नाम भी चार्जशीट में
चार्जशीट में स्थानीय निवासी बशीर अहमद जोथट और परवेज अहमद के नाम भी शामिल हैं। आरोप है कि दोनों ने हमले से एक दिन पहले आतंकियों को खाना और पनाह दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि आतंकियों को हल्दी, लाल मिर्च, नमक, खाना बनाने के बर्तन, कंबल और तिरपाल दिए गए थे। बाद में दाचीगाम मुठभेड़ स्थल से वह कंबल बरामद किया गया। कंबल में मिले बाल के एक टुकड़े के डीएनए टेस्ट से पता चला कि इसे 21 अप्रैल को बशीर के घर से ले जाया गया था।